Kaushlendra Pandey /राजगीर में दलित युवकों की मॉब लिंचिंग कर के हत्या एवं नगरनौसा में डिग्री कॉलेज के लिए आंदोलन कर रहे नौजवानों पर पुलिसिया दमन की घटना पर पीड़ितों से मुलाकात के बाद भाकपा–माले की नेताओं की टीम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस को भाकपा माले सांसद सुदामा प्रसाद, विधायक संदीप सौरभ, पूर्व विधायक मनोज मंजिल तथा पूर्व विधायक गोपाल रविदास ने संबोधित किया।
भाकपा माले सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि बिहार में एनकाउंटर राज चल रहा है।अपराधी बेखौफ हो के अपराध कर रहे हैं और जनता में दहशत का माहौल है। बिहार में कानून नहीं,गुंडा राज चल रहा है। नालंदा के राजगीर में दो दलित युवकों की हत्या कर कर दी गई और सरकार चुप्पी साधे हुई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बड़बोले मुख्यमंत्री हैं। हमारी मांग है कि नालंदा के राजगीर की घटना पर हाई कोर्ट के सीटिंग जज से मामले की जांच कराई जाए। स्पीडी ट्रायल चला कर सजा हो। परिवार को एक एक सरकारी नौकरी दे और पचास लाख का मुआवज दे। अपराधियों की सफाया करने की बात कह के नौजवानों, मजदूरों, दलितों, गरीबों और जायज मांग उठाने वाले लोगों का सफाया कर रहे हैं
पालीगंज विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कहते हैं कि अपराधियों को पाताल से के खींच कर लाएंगे। लेकिन अपराधी रोज हत्या बलात्कार कर रहे हैं। पुलिस स्वयं अपराधियों जैसा सलूक कर रही है।
नालंदा के नगरनौसा में छात्र जो डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर जायज मांग कर रहे थे वहां प्रशासन ने घर में घुस कर लोगो की पिटाई की है। लगभग 300 घरों के दरवाजे तोड़ दिया गया और जेल भेज दिया गया। नाबालिग बच्चियों को पीटा गया है। हमारी मांग है कि स्थानीय थाना के थाना प्रभारी को निलंबित किया जाए और दोषी अधिकारियों पर कारवाई की जाए। गिरफ्तार 39 लोगों को बिना शर्त बरी किया जाए और सभी लोगों पर से सरकार मुकदमा वापस ले। डिग्री कॉलेज नगरनौसा प्रखंड मुख्याल में ही स्थापित किया जाए।
पूर्व विधायक गोपाल रविदास ने कहा कि मॉब लिंचिंग की घटना लगातार हो रहे हैं । नालंदा जिले के डीएम और एसपी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और तलब करना चाहिए। झुनुकिया बाबा के मुख्य पुजारी वहां नशे का कारोबार करते हैं उसकी भी जांच होनी चाहिए।
मनोज मंजिल ने कहा कि भाजपा अपराधियों की टोली लेकर चलती है। एनकाउंट के नाम पर तमाशा चल रहा है। अपराध चरम पर है। दलित उत्पीड़न,महिला उत्पीड़न की घटना हर रोज बढ़ रहे हैं। पुलिस न्याय की बजाए मामले को दबा रही है।




























