शिक्षा में सुधार और नवाचार पर मंथन के साथ दो दिवसीय चिंतन शिविर का समापन
kaushlendra Pandey / पटना। संकल्प से सिद्धि और चिंतन से परिवर्तन के मूल मंत्र को आत्मसात करने के प्रण के साथ अधिवेशन भवन में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला सह चिंतन शिविर का सोमवार को समापन हुआ। दूसरे दिन शिक्षा में सुधार और नवाचार से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के जरिये विचार-विमर्श किया।
कार्यशाला में शिक्षकों की नई स्थानान्तरण नियमावली पर विस्तार से चर्चा हुई। प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ हुए समझौता ज्ञापनों और उनके माध्यम से शिक्षा में सुधार के प्रयासों की जानकारी दी गई।
माध्यमिक शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और पीएम श्री विद्यालयों के प्रभावी संचालन पर भी चर्चा हुई। विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं बढ़ाने के लिए सोलर पैनल और इंटरनेट कनेक्टिविटी से जुड़े विषयों पर भी प्रस्तुतीकरण दिया गया।
कार्यशाला में सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) की अवधारणा पर चर्चा की गई। साथ ही ‘हुनरमंद बचपन, आत्मनिर्भर बिहार’ के लक्ष्य के तहत विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इस दौरान उच्च विद्यालयों में स्थापित प्रयोगशालाओं के बेहतर संचालन, डिजिटल शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
विद्यालयों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच, पोषण और स्वच्छता को शिक्षा से जोड़ने पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। इसके अलावा ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने और नशामुक्ति के प्रति जागरूक करने से जुड़े कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई।
कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों के साथ खुला संवाद हुआ। अधिकारियों और प्रतिभागियों ने शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए। कार्यक्रम का समापन बिहार गीत, ग्रुप फोटो सेशन और प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ।