बिहार-गीत के अमर रचनाकार कवि-शिरोमणि सत्यनारायण नहीं रहे, साहित्य जगत में शोक की लहर
पटना ब्यूरो /अत्यंत दुखद! हृदय-विदारक ! नहीं रहे “बिहार-गीत” के अमर रचनाकार कवि-शिरोमणि श्री सत्यनारायण ! गत मध्य-रात्रि उन्होंने अपने कदमकुआँ स्थित आवास पर अपनी अंतिम साँस ली। जीवन के १० वें दशक में प्रवेश कर चुके सत्यनारायण जी, जो बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के उपाध्यक्ष भी रहे, बिहार के महान गौरव-पुरुषों में एक थे। आगामी १३ सितम्बर को हम सभी साहित्य सम्मेलन में उनकी ९३ वीं जयंती पर अभिनन्दन करने वाले तथा उन पर केंद्रित पुस्तक का लोकार्पण करने वाले थे! हा! विधाता ने हमे इस अवसर से वंचित कर दिया। उस दिन हम उनकी जयंती का समारोह और श्रद्धांजलि-सभा कर पाएंगे। लोकार्पित होने वाली पुस्तक आनेवाली पीढ़ियों को इस महान कवि के अवदानों को स्मरण दिलाती रहेगी और मार्ग-दर्शन करेगी!
आज संध्या उनके पुत्र संदीप पटना पहुँचेंगे । तदन्तर अग्नि-संस्कार की प्रक्रिया आरंभ होगी। बिहार सरकार को चाहिए कि उनके अग्नि-संस्कार को राजकीय सम्मान प्रदान करे !