रामेश्वर महाविद्यालय के किशोरी सिन्हा सभागार में खेलो इंडिया संवाद, खेल की बात पीएम मोदी के साथ वर्चुवल कार्यक्रम संपन्न
मुजफ्फरपुर । खेलो इंडिया संवाद में पीएम मोदी ने युवाओं से खेलों को जन आंदोलन बनाने का किया आह्वान किया । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘खेलो इंडिया संवाद–खेल की बात, प्रधानमंत्री के साथ’ कार्यक्रम में देशभर के युवाओं और युवा खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए भारत में खेल संस्कृति को और मजबूत बनाने तथा खेलों को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित यह कार्यक्रम मेरा युवा भारत एवं रामेश्वर महाविधालय, मुजफ्फरपुर की एनएसएस इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया । प्रधानमंत्री ने ओलंपिक में भारत की सीमित भागीदारी को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि देश को केवल पदक जीतने वाले पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ओलंपिक में शामिल सभी खेलों में अपनी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में काम करना होगा । उन्होंने कहा कि 2036 ओलंपिक की तैयारियों का लक्ष्य केवल बेहतर खेल संसाधन तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करना होना चाहिए, जो विभिन्न खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर सके । उन्होंने कहा कि ओलंपिक में शामिल लगभग आधे खेलों में भारत की भागीदारी नहीं हो पाती है उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि 2012 ओलंपिक में भारत ने केवल 13 खेलों में हिस्सा लिया था, जबकि 20 से अधिक खेलों में देश की भागीदारी नहीं थी । सीमित भागीदारी का सीधा असर पदक तालिका में भारत की संभावनाओं पर पड़ता है ।
उन्होंने सर्फिंग और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग जैसे खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की लंबी तटरेखा, विशाल पर्वतीय क्षेत्र और भौगोलिक विविधता इन खेलों के लिए प्राकृतिक अवसर उपलब्ध कराती है । ऐसे खेलों में प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें शुरुआती स्तर से प्रशिक्षित करने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं की पहचान 5 से 15 वर्ष की आयु में ही करने के लिए राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा । केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि बच्चे की रुचि किस खेल में है, बल्कि यह भी पहचानना जरूरी है कि उसकी शारीरिक क्षमता और प्रतिभा किस खेल के लिए सबसे उपयुक्त है । जिसके अनुरूप प्रशिक्षण देकर उसे उच्च स्तर का खिलाड़ी बनाया जाना चाहिए ।
उन्होंने खेलों के विकास में जिलों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया । प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न जिलों में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिभाओं के अनुरूप विशेष खेल प्रणाली विकसित की जानी चाहिए, ताकि जमीनी स्तर से ही खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और प्रशिक्षण मिल सके ।
‘खेलो इंडिया संवाद’ का उद्देश्य खेल, फिटनेस, युवा नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प को एक साझा मंच पर लाना है । कार्यक्रम में युवाओं को खेलों से जुड़े अपने विचार, आकांक्षाएं और सुझाव रखने का अवसर मिला । संवाद के प्रमुख विषयों में खेल, ओलंपिक आकांक्षाएं, युवा नेतृत्व, विकसित भारत और नशा मुक्त युवा शामिल रहे। देशभर के 1,500 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों को कार्यक्रम से जोड़ा गया । युवा खिलाड़ियों को सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि 2036 ओलंपिक के लिए भारत को आज से ही प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें तराशने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर ध्यान देना होगा । उन्होंने युवाओं से खेलों को केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अनुशासन, फिटनेस, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने का आह्वान किया ।
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कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित हुआ पहले चरण में खिलाड़ियों, छात्र – छात्राओं, शिक्षकों और अतिथियों ने प्रधानमंत्री के वर्चुवल संवाद को सुना और दूसरे सत्र में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. श्यामल किशोर ने मुख्य अतिथि मुजफ्फरपुर के माननीय नगर विधायक रंजन कुमार एवं विशिष्ट अतिथि बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के महाविद्यालय निरीक्षक कला एवं वाणिज्य प्रो. राजीव कुमार सहित अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र, स्मृतिचिन्ह और पौधा देकर किया । इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. श्यामल किशोर ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संवाद भारत में जमीनी स्तर से खेल प्रतिभाओं को तैयार करने, ओलंपिक में देश की भागीदारी का दायरा बढ़ाने और भारत को वैश्विक खेल शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है ।
शहर के नगर विधायक रंजन कुमार ने छात्र – छात्राओं से संवाद किया और कहा कि युवाओं को नशे के कुचक्र से दूर रहना चाहिए तथा अपनी संपूर्ण ऊर्जा को देश के विकास में लगाने का प्रयास करना चाहिए । माननीय विधायक रंजन कुमार एवं प्राचार्य प्रो. श्यामल किशोर ने सामाजिक विज्ञान और मानविकी संकाय तथा विज्ञान संकाय के प्राध्यापक कक्षों का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया तथा रामेश्वर स्मृति वाटिका में मुख्य अतिथि और प्राचार्य ने वृक्षारोपण भी किया । नगर विधायक ने महाविद्यालय के संरचनात्मक विकास जैसे पेयजल की व्यवस्था, वर्ग कक्षों के निर्माण और सोलर पैनल लगाने सहित विभिन्न योजनाओं के विकास के लिए दो किस्तों में तीस लाख रुपए से महाविद्यालय के विकास में सहयोग करने का आश्वासन दिया ।
मौके पर अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, शैलेश चौधरी, यूथ आइकन के रूप में शहर के राष्ट्रीय विद्या वुशु के खिलाड़ी सपना कुमारी और गेशु कुमारी,उप निदेशक सह जिला खेल पदाधिकारी श्री राजेंद्र कुमार, सहायक प्रशाखा पदाधिकारी माई भारत पटना,डॉ.अखिलेश कुमार, शारदा नन्दन साहनी कार्यक्रम पदाधिकारी,राष्ट्रीय सेवा योजना, कार्यक्रम मूडिनेटर राहुल कुमार कौटिल्य स्वयंसेवक चंदन कुमार, धर्मेंद्र, स्नेहा, बबलू,श्रीराम, मधुरेन्द्र, परसा दास, हिमांशु दास साथ बड़ी संख्या में छात्र – छात्राएं, शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।