छात्र-छात्राओं ने अपने सुन्दर व्याख्यानों से श्रोताओं को किया मुग्ध साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई विद्यार्थियों की व्याख्यान प्रतियोगिता
पटना, ३ सितम्बर। हिन्दी-दिवस के उपलक्ष्य में बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा आयोजित हिन्दी-पखवारा एवं पुस्तक-चौदस मेला के तीसरे दिन आज विद्यार्थियों के लिए व्याख्यान-प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें लोयला हाई स्कूल, कुर्जी, शिवम् कौंवेंट, इंद्र प्रसाद सिंह गंग-स्थली बालिका विद्यापीठ आदि विद्यालयों के दर्जनों छात्र-छात्राओं ने प्रतिभागिता दी। विद्यार्थियों ने ‘स्वच्छता और स्वास्थ्य’ तथा ‘मेरे प्रिय साहित्यकार’ विषयों पर अपने व्याख्यान दिए।
बिहार सरकार में विशेष सचिव रहे सम्मेलन के उपाध्यक्ष डा उपेन्द्रनाथ पाण्डेय ने इस अवसर पर विद्यार्थियों का मार्ग-दर्शन करते हुए ‘व्याख्यान-कौशल’ और उसके व्याकरण से परिचित कराया। उन्होंने बताया व्याख्यान सदैव विषय केंद्रित और शब्द-लालित्य से पूर्ण, श्रवणीय और आनन्द-प्रद होना चाहिए।
इस अवसर पर निर्णायक-मण्डल के अन्य सदस्य डा रत्नेश्वर सिंह तथा प्रो उषा सिंह, प्रतियोगिता आयोजन-समिति के संयोजक ईं अशोक कुमार, डा नागेश्वर प्रसाद यादव, ईं बाँके बिहारी साव, कृष्ण रंजन सिंह, शशिकला कुमारी, नम्रता कुमारी, अवंतिका तथा इन्दुभूषण सहाय समेत विद्यालयों के शिक्षकगण उपस्थित थे।
अपने व्याख्यानों में अनेक प्रतिभागी छात्र-छात्राओं ने मननशील वक्ताओं की भाँति मूल्यवान और आकर्षक व्याख्यानों से निर्णायकों और श्रोताओं को चमत्कृत कर दिया।
सम्मेलन द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगिताओं में प्रथम तीन स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को आगामी १५ सितम्बर को संपन्न होने वाले पुरस्कार वितरण समारोह में क्रमशः ११००/-, ७००/- और ५००/- रु की राशि तथा पदक और प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को प्रतिभ