सनातन के सम्मान का संकल्प,हिंदू राष्ट्र की हुंकार,और बक्सर की धरती से सियासी संदेश
प्रियंका भारद्वाज की रिपोर्ट /बक्सर के ऐतिहासिक किला मैदान में रविवार को सनातन आस्था और संस्कृति का बड़ा संगम देखने को मिला। विश्वामित्र सेना के तत्वावधान में आयोजित सनातन गौरव सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। किला मैदान में सनातन संस्कृति, धर्म और एकजुटता के नारों की गूंज सुनाई दी।
मंच से विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने हिंदू धर्म के सम्मान को लेकर तीखा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और हिंदुओं के सम्मान के साथ ही राष्ट्र के निर्माण की बात होनी चाहिए।
राजकुमार चौबे ने आरक्षण की राजनीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश में जाति और आरक्षण के नाम पर लड़ाई कराने के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य और समान अवसर पर ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र का मजबूत भविष्य बनाना है तो बच्चों को बेहतर शिक्षा और संस्कार देना होगा। सनातन संस्कृति की सीख ही सबको साथ लेकर चलने की है।
बक्सर को लेकर भी राजकुमार चौबे ने मंच से बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह महर्षि विश्वामित्र की धरती है और बक्सर को मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपनी संस्कृति, अपनी पहचान और बक्सर के विकास की आवाज बुलंद करने की अपील की।
साथ ही उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि आने वाले समय में बक्सर की पहचान और नेतृत्व का फैसला बाहरी चमक-दमक के आधार पर नहीं, बल्कि बक्सर की मिट्टी और यहां के लोगों के हित को ध्यान में रखकर होना चाहिए।
वहीं सम्मेलन के दौरान सनातन एकता, संस्कृति के संरक्षण और हिंदू राष्ट्र के संकल्प को लेकर भी जोरदार संदेश दिया गया।
कुल मिलाकर, बक्सर के किला मैदान से आयोजित सनातन गौरव सम्मेलन ने धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, आरक्षण, सनातन एकता और बक्सर के नेतृत्व जैसे मुद्दों को भी मंच दिया।