अमित शाह ने नवी मुंबई में किया छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का उद्घाटन, एकनाथ शिंदे ने दिया भाषाई एकता का संदेश
सौरभ निगम / नवी मुंबई: हिंदी दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के नवी मुंबई में आयोजित छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में देशभर से आए भाषा प्रेमियों, अनुवादकों, विद्यार्थियों, अध्यापकों, साहित्यकारों और शोधार्थियों का बड़ा जुटान हुआ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय भाषाओं की विविधता को देश की सांस्कृतिक शक्ति बताते हुए कहा कि भारत की संस्कृति और साहित्य एक कमल की तरह हैं, जिसकी प्रत्येक क्षेत्रीय भाषा उसकी एक पंखुड़ी है। उन्होंने कहा कि किसी भी भारतीय भाषा को कमजोर किए बिना हिंदी को संपर्क और संवाद की महत्वपूर्ण भाषा के रूप में आगे बढ़ाना जरूरी है।
हिंदी दिवस के इस विशेष आयोजन में राजभाषा विभाग, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) सहित विभिन्न संस्थानों के प्रकाशनों का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही वर्ष 2025-26 के ‘राजभाषा कीर्ति’ और ‘राजभाषा गौरव’ पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में भारतीय भाषाओं के बीच संवाद और अनुवाद को तकनीक से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया। भारतीय बहुभाषी अनुवाद ऐप ‘सारथी’, भारतीय भाषाओं को समर्पित देश के पहले डेटा सेंटर ‘भाषा कुंज’ का लोकार्पण किया गया। इसके अलावा हिंदी शब्द संसाधन, टंकण और आशुलिपि प्रशिक्षण की शुरुआत भी की गई।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी भाषाई विविधता और राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी किसी भारतीय भाषा की प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि भारतीय भाषाओं को जोड़ने वाली भाषा के रूप में अपनी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने मराठी सहित सभी भारतीय भाषाओं के सम्मान और सरकारी कामकाज में स्थानीय भाषाओं के अधिक इस्तेमाल की आवश्यकता पर बल दिया।
नवी मुंबई में आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन हिंदी के साथ-साथ भारत की सभी भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन, अनुवाद और तकनीकी विकास को लेकर महत्वपूर्ण मंच बनकर सामने आया है। सम्मेलन में भारतीय भाषाओं के बीच बेहतर समन्वय, तकनीक के माध्यम से भाषा के विस्तार और प्रशासन में भारतीय भाषाओं के प्रभावी इस्तेमाल जैसे विषयों पर भी चर्चा हो रही है।
हिंदी दिवस के मौके पर आयोजित इस सम्मेलन से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि भारत की भाषाई विविधता ही उसकी ताकत है और सभी भारतीय भाषाओं के सम्मान के साथ हिंदी को देश के विभिन्न हिस्सों के बीच संवाद की मजबूत कड़ी बनाया जा सकता है।