पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर राजकीय समारोह, CM सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
Kaushlendra pandey पटना। महान विचारक, राष्ट्रसेवक एवं एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को पटना के राजेंद्र नगर में राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों और गणमान्य लोगों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के राष्ट्रसेवा, अंत्योदय और एकात्म मानववाद के विचारों को स्मरण करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी जनसेवा और राष्ट्रहित की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान और मानव कल्याण से जुड़े उनके चिंतन को महत्वपूर्ण बताया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को मथुरा जिले के नगला चंद्रभान में हुआ था। वे भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं और विचारकों में शामिल रहे तथा उन्होंने ‘एकात्म मानववाद’ के माध्यम से भारतीय संदर्भ में मानव, समाज और राष्ट्र के समग्र विकास की अवधारणा प्रस्तुत की।
उनके ‘अंत्योदय’ दर्शन का केंद्रीय विचार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण का लाभ पहुंचाने से जुड़ा है। इसी कारण 25 सितंबर को देशभर में उनकी जयंती को ‘अंत्योदय दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है।
पटना के राजेंद्र नगर में आयोजित राजकीय समारोह में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नेताओं ने उनके जीवन, विचारों और राष्ट्रसेवा के योगदान को याद किया। समारोह के माध्यम से उनके विचारों को जनसेवा, सामाजिक कल्याण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रासंगिक बताया गया।
कंट्री इनसाइड समाचार एजेंसी, पटना।