पल्स ऑफ पॉजिटिविटी – हेल्थ एंड वेलनेस समिट बिहार 2026 में जुटे देशभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ
Kaushlendra Pandey पटना : स्वास्थ्य जागरूकता, निवारक चिकित्सा और बेहतर जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होटल ताज पटना में वसुधैव विमर्श फाउंडेशन द्वारा पल्स ऑफ पॉजिटिविटी – हेल्थ एंड वेलनेस समिट बिहार 2026 का आयोजन किया गया। बिल्डिंग ए हेल्दियर इंडिया थीम पर आयोजित इस समिट में स्वस्थ समुदाय और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण का संदेश दिया गया।
समिट में उद्घाटन मुख्य अतिथि बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, विशिष्ट अतिथि पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौरेंद्र पांडेय, उप सचिव परिवहन विभाग अरुणा कुमारी, रियर एडमिरल (सेवानिवृत्त) कपिल गुप्ता, उबर पब्लिक पॉलिसी की उपाध्यक्ष मेघा सिंह, पल्स ऑफ पॉजिटिविटी के निदेशक विशाल त्यागी एवं कार्यक्रम संयोजक शैलेश तिवारी, डॉ. बालेश्वर दत्त के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा हेल्थ चौपाल का अनावरण और पल्स ऑफ पॉजिटिविटी मैगजीन का विमोचन किया गया। साथ ही उबर के ड्राइवर्स को सड़क सुरक्षा के लिए प्रेरित करते हुए उनके बीच हेलमेट का वितरण किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि स्वस्थ बिहार के निर्माण की दिशा में हेल्थ समिट एक सराहनीय पहल है। इस तरह के आयोजन से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
पल्स ऑफ पॉजिटिविटी के एडिटर-इन-चीफ रियर एडमिरल (सेवानिवृत्त) कपिल गुप्ता ने अपने स्वागत संबोधन में स्वास्थ्य को केवल बीमारियों के उपचार तक सीमित न रखते हुए निवारक चिकित्सा, मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक स्तर पर सकारात्मक पहल को प्रोत्साहित करना जरूरी है।
वहीं पल्स ऑफ पॉजिटिविटी के निदेशक विशाल त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि इस समिट का उद्देश्य स्वास्थ्य, वेलनेस और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और समाज के विभिन्न वर्गों के सामूहिक प्रयासों से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में 21वीं सदी में स्वास्थ्य और वेलनेस पर विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण पर पहला सत्र आयोजित हुआ। दूसरे सत्र में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों और निवारक देखभाल पर चर्चा हुई। वहीं तीसरे सत्र में सड़क सुरक्षा जागरूकता और जिम्मेदार आवागमन के विषय पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम संयोजक शैलेश तिवारी ने कहा कि समिट के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में निवारक स्वास्थ्य सेवाएं, समग्र स्वास्थ्य देखभाल, जनस्वास्थ्य नीति तथा सामुदायिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस शामिल रहे। कार्यक्रम के माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी समान महत्व देने और बीमारियों की रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
वहीं सह संयोजक आदित्य कुमार ने कहा कि ऐसे आयोजन स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पक्षों के बीच सहयोग बढ़ाने, विचारों के आदान-प्रदान और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समिट का व्यापक उद्देश्य स्वस्थ समुदायों के निर्माण के माध्यम से स्वस्थ भारत के संकल्प को मजबूत करना है। मौके पर आदित्य राघव, डॉ. रजनीकांत, रवि पांडेय, डॉ. दयानिधि शर्मा, डॉ. संतोष पांडेय, डॉ. राहुल कश्यप, डॉ. शची गुंजन, डॉ. निधि सिंह, डॉ. राहुल कश्यप, अभिषेक कुमार, रूबी खातून, मुक्ता सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।