बिहार में भाजपा वोट चोरी ही नहीं कर रही है, बल्कि जनादेश की डकैती भी कर रही है;राजद दोनों विधान पार्षदों के मामले पर सभापति से लेकर न्यायालय और जनता के अदालत तक जायेगा : प्रो मनोज कुमार झा
पटना 01 नवंबर 2026 :राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता प्रोफेसर मनोज कुमार झा ने राजद के राज्य कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विधान परिषद के कार्यकारी सभापति डॉ रामवचन राय से नवनिर्वाचित विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज को अयोग्य करार देने की मांग की है ।
इन्होंने दोनों एमएलसी के भाजपा में शामिल होने का वीडियो और तस्वीर दिखाते हुए कहा कि इन दोनों ने दलबदल कानून का उल्लंघन किया है। जिस कारण इनकी सदस्यता समाप्त की जाए।
प्रो मनोज झा ने आगे कहा कि “हम कार्यकारी सभापति महोदय के पास जाएंगे और इन दोनों दलबदल करने वाले विधान परिषद के सदस्यों को अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे। सभापति जी से आग्रह है कि इन्होंने कहा कि कार्यकारी सभापति से कहा कि आप पंच परमेश्वर हैं, उनको पता होगा कि पंच परमेश्वर से क्या उम्मीद होती है? इन्होंने आगे कहा कि अगर इस मामले में वो फैसला नहीं लेते हैं इन दोनों के अयोग्यता के संबंध में तो इस पर बहुत बड़ा बवाल होगा और जिसे संभालना मुश्किल होगा।
भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची का पैरा 2 (2) का हवाला देते हुए प्रो मनोज झा ने कहा कि किसी राजनीतिक दल द्वारा उम्मीदवार घोषित किए बिना अर्थात स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होता है और निर्वाचन के पश्चात किसी दल में शामिल हो जाता है तो वह सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य माना जाएगा।
इन्होंने ने आगे कहा कि वह व्यक्ति अयोग्य घोषित हो जाता है तो वह राज्य के विधानमंडल के सदस्य के रूप में सदस्यता लेने के लिए पात्र नहीं होगा. कानून में वैध प्रावधान बिल्कुल स्पष्ट है।
प्रो मनोज झा ने कहा कि यह वोट चोरी नहीं बल्कि जनादेश की डकैती है। भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पहले चुनाव में वोट चोरी की चर्चा होती थी लेकिन अब बिहार में जनादेश की चोरी की जा रही है। यह चोरी नहीं, बल्कि डकैती है।
प्रो मनोज झा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लेते हुए कहा कि सभी की परीक्षा है, अगर इस तरह की गतिविधियों को संरक्षण दिया जाता है तो जनता के सामने इस पूरे मामले को उजागर किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा और जद यू के बीच राजनीतिक शक्ति संतुलन से भी जोड़कर देखा जाना चाहिए,इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बिहार में अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने के साथ-साथ जद यू को भी कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
इन्होंने कहा कि जिन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है, वहां जद यू के उम्मीदवारों की पराजय हुई है।
प्रो मनोज झा ने चुनाव आयोग से लेकर अदालत तक जाने की चेतावनी की बातें कही और कहा कि इस मामले को सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखा जाएगा। राजद चुनाव आयोग के सामने भी अपनी बात रखेगी और विधान परिषद के कार्यकारी सभापति से भी दोनों सदस्यों की सदस्यता पर फैसला लेने का आग्रह करेगी। इन्होंने कहा कि उन्हें चुनाव आयोग से बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं है लेकिन पार्टी हर संवैधानिक मंच पर अपनी लड़ाई को जारी रखेगी।
राजद के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कार्यकारी सभापति इस मामले में तत्काल और निष्पक्ष निर्णय नहीं लेते हैं तो मामला अदालत में भी जाएगा और जनता की अदालत में भी उठाया जाएगा। इन्होंने कहा कि जनता सबसे बड़ी अदालत होती है और किसी भी तरह की बेईमानी और नाइंसाफी को जनता के सामने उजागर किया जाएगा।
इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने भी एक्स हैंडल पर इस बारे में विस्तार से लिखा है। उन्होंने दोनों नवनिर्वाचित सदस्यों को अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए लिखा, ‘वंशीधर ब्रजवासी एवं डॉ. राहुल राज को स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होने के पश्चात भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के कारण संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 2(2) के अंतर्गत अयोग्य घोषित होना तय है. संविधान के अनुसार दोनों सदस्यों के विरुद्ध दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता संबंधी कार्यवाही बिना अनावश्यक विलंब के तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए।