CIN /अद्भुत राजनेता,साहित्यकार और संस्कृति-पुरुष थे डा पूर्णेंदु नारायण सिन्हा,९७वीं जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ समारोह, कवियों ने दी काव्यांजलि
पटना, २० जनवरी। अपने समय में बिहार के, विशेषकर राजधानी के सांस्कृतिक-धड़कन बने रहे राजनेता और साहित्य-सेवी डा पूर्णेंदु नारायण सिन्हा का व्यक्तित्व अद्भुत था। औपचारिकता से सर्वथा दूर का संबंध रखनेवाले डा सिन्हा आत्मीय संबंधों में विश्वास करते थे। जीवन-भर…
CIN /हिन्दी के लिए कुछ भी त्याग सकता हूँ, विधान सभा का अध्यक्ष पद भी, डा लक्ष्मी नारायण ‘सुधांशु’ ने कहा था,साहित्य सम्मेलन ने जयंती पर श्रद्धापूर्वक किया स्मरण
पटना, १८ जनवरी। हिन्दी भाषा के उन्नयन में भारत के जिन महापुरुषों ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया, उनमें एक महान नाम डा लक्ष्मी नारायण सिंह ‘सुधांशु’ जी का भी है, जो बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के भी अध्यक्ष रहे और बिहार विधान सभा के भी।…
CIN /गीति-धारा के अत्यंत मर्म-स्पर्शी कवि थे पं विशुद्धानंद, जयंती पर आचार्य विजय गुंजन को दिया गया ‘विशुद्धानंद स्मृति-सम्मान’,आयोजित हुई कवि-गोष्ठी
पटना, १३ जनवरी। ‘एक नदी मेरा जीवन’ लिखने वाले मर्म-स्पर्शी कवि विशुद्धानंद का संपूर्ण जीवन पर्वत की घाटियों से होकर अनेक वन-प्रांतों और पत्थरीली भूमि से गुजरती, बहती नदी सा ही था। संघर्षों और घटनाओं से भरा उनका जीवन उनके दर्द भरे गीतों में…