ख़ुश रहे – स्वस्थ रहे – घर पर रहें /डा. काशिका जैन (मनोवैज्ञानिक)
घर गुलज़ार,सूने शहर, बस्ती बस्ती में कैद हर हस्ती हो गई। आज फिर ज़िन्दगी महँगी,और दौलत सस्ती हो गई । किसी भी वायरस से बचना तो बहुत ही आसान हैं , लेकिन जो डर हमारे और दुनिया के अधिक लोगों के मन मे बैठ गया है, उससे बचना बहुत ही मुश्किल है । डर से…