दिल्ली /जब लोकतंत्र में जवाबदेह संस्थाएं अपनी जवाबदारी से मुकरने लगती है, तो वह बड़े बदलाव को आमंत्रित करने लगती हैं-सतीश मिश्रा, प्रधान संपादक
शुक्रवार को औरंगाबाद के करमाड स्टेशन के पास पटरी पर सो रहे 16 मज़दूर मालगाड़ी की चपेट में आ गए और सबों की मौत हो गई। मैंने सुबह से शाम तक तीन- चार बार fb का अपना एकाउंट खंगाला, लेकिन घटना का कोई खास ज़िक्र नहीं था। जो लोग सुतते- जागते कांग्रेस को गलियाते…