कीर्त्यानंद सिंह जैसे उदारमना राजाओं ने साहित्य और संस्कृति को जीवित रखा : दीक्षित/जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना ब्यूरो, २८ सितम्बर । भारत में कला, संगीत और साहित्य को उदारमना राज-घरानों से संरक्षण और पोषण प्राप्त हुआ है। राजा बहादुर कीर्त्यानंद सिंह जैसे उदार महापुरुषों ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण में अतुलनीय योगदान दिए हैं। इसीलिए ये प्रणम्य और स्मरणीय…
साहित्य सम्मेलन में कथा संग्रह ‘प्रिसाइडिंग औफिसर की डायरी’ का हुआ लोकार्पण
पटना, ३१ जुलाई। सुपरिचित कथाकार चितरंजन लाल भारती की कहानियाँ यथार्थ पर कल्पना की चासनी जैसी मीठी, किंतु मर्म-स्पर्शी हैं। इनकी अनेक कहानियों में अनेक स्थलों पर ‘कथा-सम्राट मुंशी प्रेमचंद’ दिखाई देते हैं। इसलिए भारती की कहानियाँ प्रेमचंद के…