उत्तराखंड, [निखिल भारद्वाज] : उत्तराखंड के चमोली जिले के तपोवन इलाके में रविवार को ग्लेशियर फटने से ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचा। चमोली में ग्लेशियर टूटने से बड़ा हादसा हो गया है। कई लोगों की जान चली गई। अब तक 10 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। 170 लोगों के फंसे होने की आशंका है। 7 लोगों को एक सुरंग से बचाया भी गया है। राहत और बचाव अभियान बड़े स्तर इलाके में जारी है।
भारत में आई इस त्रासदी को लेकर ब्रिटने के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने संवेदना प्रकट करते हुए दुख जताया है। ब्रिटने के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि अगर भारत को किसी भी तरह की मदद चाहिए तो हम उसके लिए तैयार हैं।
वहीं ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन ने कहा है कि कठिन वक्त में हम भारत के साथ हैं। बता दे बचाव कार्य के लिए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ सहित एसडीआरएफ के जवानों ने सोमवार सुबह से दोबारा रेस्क्यू कार्य शुरू किया। सुरंग के अंदर गाद भरी होने से बचाव कार्य में जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। बता दें कि एनडीआरएफ के साठ जवानों की एक टुकड़ी पहले ही सड़क मार्ग से चमोली रवाना हो चुकी है।
एसडीआरएफ के मुताबिक ग्लेशियर टूटने की घटना रविवार सुबह 10: 50 बजे जोशीमठ से करीब 15 किमी की दूरी पर स्थित रेणी गांव के करीब हुई। ग्लेशियर के टूटने से ऋषिगंगा प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त हो गया।
