प्रियंका भारद्वाज, 25 जूलाई, पटना : टी.पी.एस. कॉलेज, पटना के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा आज, 25 जुलाई 2025 को “पौध-आधारित हरित संश्लेषण के माध्यम से नैनोपार्टिकल्स: सतत दृष्टिकोण” विषय पर एक सफल अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रो. विजय कुमार रवि, जो आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना के नैनोविज्ञान और नैनोटेक्नोलॉजी स्कूल से संबद्ध हैं, मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि “टी.पी.एस. कॉलेज हमेशा नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहा है । आज का यह व्याख्यान नैनोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सतत और पर्यावरण-अनुकूल समाधानों पर केंद्रित था, जो हमारे छात्रों और संकाय के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव रहा । मैं प्रो. विजय कुमार रवि और वनस्पति विज्ञान विभाग की पूरी टीम को इस सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ । हम भविष्य में भी इस तरह के ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों को जारी रखेंगे । उन्होंने आगे बताया कि हाल के अध्ययन में शोधकर्ताओं ने सौसुटिया कोस्टस पौधे के अर्क का प्रयोग करके मैग्नेशियम आक्साइड नैनोपार्टिकल से एंटीमाइक्रोबियल एवं एंटी कैंसर गुण प्रदर्शित करते हैं ।
प्रो. श्यामल किशोर ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि “यह व्याख्यान नैनोटेक्नोलॉजी और सतत विकास के लिए एक उत्कृष्ट पहल थी ।”
आयोजन सचिव के रूप में डॉ. विनय भूषण कुमार, वनस्पति विज्ञान विभाग ने कहा कि नैनोटेक्नोलॉजी का भविष्य बहुत उज्जवल है जो चिकित्सा, पर्यावरण, फार्मेसी, ड्रग डिलीवरी इत्यादि में अत्यंत उपयोगी है । इस अवसर पर वनस्पति महाविद्यालय के अन्य शिक्षकगण, जिनमें डॉ. ज्योत्सना कुमारी, डॉ. सानंदा सिन्हा, डॉ. सुशोभन पलाधी, डॉ उमेश कुमार, डॉ. हंस कुमार, और छात्राओं में विकास, रागिनी, पूजा, मोना आदि भी उपस्थित रहे । इस व्याख्यान ने नैनोटेक्नोलॉजी के सतत विकास और पर्यावरण-अनुकूल दृष्टिकोणों पर रोशनी डाली, जिसे शैक्षणिक समुदाय और शोधकर्ताओं ने सराहा ।
प्रो. अबू बकर रिज़वी(मीडिया प्रभारी)
टी.पी.एस. कॉलेज, पटना




























