प्रशांत किशोर ने प्रेसवार्ता में सम्राट चौधरी को फर्जी दस्तावेज़ से लेकर हत्या मामलों तक घेरा, सरकार से की गिरफ्तारी की मांग – 48 घंटे में राज्यपाल से मिलेगा जन सुराज डेलिगेशन
Kaushlendra Pandey: जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बिहार के राज्यपाल और मुख्यमंत्री से सीधी अपील की कि 6 हत्या के मामले के अभियुक्त सम्राट चौधरी को उपमुख्यमंत्री के पद से बर्खास्त कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए। सम्राट चौधरी ने उम्र का फर्जी दस्तावेज दिखा कर 1995 में खुद को नाबालिक बताया और कोर्ट से बरी हो गए लेकिन उनके 2020 के इलेक्शन एफडेविट के अनुसार वो 1995 में 26 वर्ष के हुए तब तो बरी हो गए लेकिन अब उन्हें जेल होना चाहिए।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर राज्य की पुलिस सम्राट चौधरी को अरेस्ट नहीं करती है, तो वह इस मामले को लेकर सीधे कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगे।
प्रशांत किशोर ने सवाल उठाया कि क्या सम्राट चौधरी को शिल्पी गौतम रेप केस में संदिग्ध मानकर जांच की गई थी या नहीं? उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सम्राट चौधरी इस पर जनता के सामने स्पष्ट जवाब दे।
आर्थिक पारदर्शिता को लेकर प्रशांत किशोर ने अपने ऊपर उठ रहे सवालों का जवाब भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया। उन्होंने कहा: कि मेरे ऊपर आरोप लगाया जाता है कि मेरे पास पैसा कहां से आता है। मैंने साफ कर दिया है कि 241 करोड़ में से 20 करोड़ का इनकम टैक्स और 20 करोड़ 95 लाख का जीएसटी चुका चुका हूं। लगभग 98 करोड़ की बची हुई रकम मैंने पूरी की पूरी पार्टी को डोनेट कर दी। मैं चोर नहीं हूं, चोरी करने नहीं आया हूं। मैं खून-पसीने की कमाई बिहार में लगा रहा हूं। मुझे मर जाना स्वीकार है लेकिन इन चोरों की पंक्ति में खड़ा होना स्वीकार नहीं।”
अशोक चौधरी को भी चुनौती दी कि आधिकारिक तौर पर यदि मानहानि का दावा 7 दिन में वापिस नहीं लेते हैं तो मै 500 करोड़ घपले की किश्त और जारी करूंगा।
प्रशांत किशोर ने कहा कि वह राजनीति में नैतिकता और ईमानदारी के साथ आए हैं और जनता के विश्वास के साथ समझौता कभी नहीं करेंगे।