पटना 17 अप्रैल 2026: बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इस पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने का ‘चुनावी स्टंट’ करार दिया है।
इन्होंने स्पष्ट किया कि राजद इस बिल के वर्तमान स्वरूप का तब तक विरोध करती रहेगी, जब तक इसमें वंचित वर्गों की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित नहीं की जाती है।
एजाज अहमद ने आगे कहा कि भाजपा संसद में परिसीमन और महिला बिल पर चर्चा सिर्फ इसलिए करा रही है ताकि दो राज्यों में होने वाले चुनावों में इसका राजनीतिक लाभ लिया जा सके।
इन्होंने आगे कहा कि महिला आरक्षण के मामले में‘कोटा के अंदर कोटा’ की व्यवस्था होनी चाहिए। जब तक दलित, शोषित, पिछड़े और अति-पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण का प्रावधान नहीं होगा, तब तक इस बिल का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं तक नहीं पहुंचेगा।
राजद प्रवक्ता ने पुराने घटनाक्रमों की याद दिलाते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस स्टैंड पर दशकों से अडिग है। इन्होंने याद दिलाया कि जहानाबाद के राजद सांसद सुरेंद्र यादव ने महिला आरक्षण में कोटा के अंदर कोटा की मांग को लेकर सदन के भीतर बिल की कॉपी फाड़ी थी। यह विरोध किसी नीति के खिलाफ नहीं, बल्कि पिछड़ों के हक की अनदेखी के खिलाफ है। चुनावी फायदे की राजनीति का विरोध राजद ने साफ कर दिया है कि वह केवल ‘जैसे-तैसे’ बिल पास कराने या चर्चा कराने के पक्ष में नहीं है।
एजाज अहमद ने जोर देकर कहा कि भाजपा महिलाओं के प्रति गंभीर होने के बजाय केवल हेडलाइन बटोरने की कोशिश कर रही है। इन्होंने इस संकल्प को दोहराया कि राजद संसद से सड़क तक इस मुद्दे पर अपना कड़ा रुख बरकरार रखेंगी और बिना सामाजिक न्याय के महिलाओं के आरक्षण को स्वीकार नहीं करेंगी।




























