सौरभ निगम /नई दिल्ली। Gajendra Singh Shekhawat ने नई दिल्ली के जनपथ स्थित National Museum में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका के Smithsonian National Museum of Asian Art से तीन ऐतिहासिक कांस्य प्रतिमाओं की वापसी भारत की चोरी हुई सांस्कृतिक धरोहरों को वापस लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि केवल भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत नहीं करती, बल्कि वैश्विक स्तर पर संग्रहालयों में नैतिकता और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार लगातार उन ऐतिहासिक धरोहरों को वापस लाने के लिए प्रयासरत है, जिन्हें वर्षों पहले अवैध रूप से देश से बाहर ले जाया गया था।
वापस लाई गई ऐतिहासिक कांस्य प्रतिमाओं में लगभग 990 ईस्वी की चोल कालीन भगवान शिव की नटराज प्रतिमा प्रमुख है, जिसे भारतीय कला और आध्यात्मिक विरासत का अद्भुत प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा 12वीं शताब्दी की सोमस्कंद प्रतिमा, जिसमें भगवान शिव और माता उमा का दिव्य स्वरूप दर्शाया गया है, भी भारत को वापस सौंपी गई है।
तीसरी प्रतिमा 16वीं शताब्दी के विजयनगर काल से जुड़ी संत सुंदरार और परवई की कांस्य प्रतिमा है, जो दक्षिण भारतीय भक्ति परंपरा और सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने और दुनिया भर में बिखरी ऐतिहासिक धरोहरों को वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने इसे भारत की सांस्कृतिक अस्मिता और गौरव से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान बताया।

























