Kaushlendra Pandey /कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी/ बिहार में शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मंगलवार को शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यार्थियों और अभिभावकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए “सिंगल विंडो सिस्टम” का उद्घाटन किया।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब छात्रों और अभिभावकों को अपनी शिकायत लेकर सचिवालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। वे टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर सीधे अपनी समस्या दर्ज करा सकेंगे और उसके समयबद्ध समाधान का दावा किया गया है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को जनहितकारी और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इस पहल से छात्रवृत्ति, नामांकन, प्रमाण पत्र, विद्यालय प्रबंधन और पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान आसान होगा।
शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों की दीवारों पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का टोल-फ्री नंबर बड़े अक्षरों में लिखा जाए, ताकि आम लोग आसानी से इसका उपयोग कर सकें।
जारी निर्देश के मुताबिक स्कूलों में दो टोल-फ्री नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे—
14417
18003454417
इन नंबरों पर विद्यार्थी, अभिभावक और आम नागरिक शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। विभाग ने 31 मई 2026 तक यह काम हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि यह व्यवस्था शिक्षा विभाग और आम लोगों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करेगी तथा विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करेगी।





























