Kaushlendra Pandey /कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी/ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प सभागार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, पथ निर्माण विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग की हाईलेवल समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को कई बड़े निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार की योजनाओं का असर सीधे जनता तक दिखना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
‘हर घर नल का जल’ योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने हर घर तक लगातार और शुद्ध पेयजल पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने पानी सप्लाई का समय सुबह और शाम एक-एक घंटा बढ़ाने को कहा ताकि लोगों को नियमित पानी मिल सके। साथ ही हर दो-तीन महीने पर पंचायत स्तर पर पानी की गुणवत्ता जांच कराने और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए AI तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने 30 जून से पहले जरूरत वाले इलाकों में नए चापाकल लगाने का निर्देश देते हुए भू-जल संरक्षण योजनाओं को भी तेजी से लागू करने को कहा।
सड़क परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग और स्टेट हाई-वे के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी जिला मुख्यालयों को फोरलेन सड़कों से जोड़ने पर जोर देते हुए पर्यटन स्थलों, औद्योगिक कॉरिडोर और प्रमुख बाजारों की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने को कहा। पुलों की गुणवत्ता जांच नियमित कराने का भी आदेश दिया गया।
उच्च शिक्षा विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 1 जुलाई से डिग्री कॉलेज विहीन 211 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां कॉलेज निर्माण के लिए लोग जमीन दान देंगे, वहां कॉलेज का नाम दानदाता या उनके द्वारा सुझाए गए व्यक्ति के नाम पर रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन को लेकर केंद्र सरकार को जल्द भूमि हस्तांतरण करने और इस संबंध में पत्र भेजने का निर्देश दिया। साथ ही विश्वविद्यालयों के रिसर्च सेंटरों को व्यवस्थित और स्पेशलाइज्ड बनाने पर जोर दिया।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने PPP मॉडल के तहत नए मेडिकल कॉलेज विकसित करने की बात कही। उन्होंने जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में अनावश्यक रेफरल रोकने का निर्देश देते हुए 15 अगस्त तक बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था लागू करने का लक्ष्य तय किया। इसकी मॉनिटरिंग जिलाधिकारी करेंगे।




























