Kaushlendra Pandey /कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी/शेखपुरा में मेडिकल कॉलेज, शिक्षकों के तबादले और 30 दिन में शिकायत निस्तारण का ऐलान, सहयोग शिविर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिया सुशासन का संदेश
शेखपुरा। बिहार में प्रशासन को जनता के दरवाजे तक पहुंचाने की पहल अब जमीन पर दिखाई देने लगी है। शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड अंतर्गत सामस बुजुर्ग पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकास, सुशासन और जवाबदेही से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 62 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया तथा आम लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब जनता को कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर नहीं करेगी, बल्कि योजनाएं, सेवाएं और समाधान लेकर स्वयं गांव-गांव पहुंचेगी। उन्होंने शेखपुरा में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना, शिक्षकों के स्थानांतरण, विष्णु धाम मंदिर के विकास, मॉडल स्कूलों के निर्माण तथा शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं।
सहयोग शिविर की सबसे चर्चित घोषणा शिकायतों के निस्तारण को लेकर रही। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आवेदन मिलने के बाद कार्रवाई की पूरी निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा। समय-सीमा के अनुसार 10 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर पहला नोटिस, 21वें दिन दूसरा नोटिस, 25वें दिन तीसरा नोटिस तथा 30 दिन के भीतर समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारी स्वतः निलंबित माना जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे देश में अपनी तरह की अनूठी व्यवस्था बताया।
स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उनके अगले शेखपुरा दौरे तक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के शिलान्यास की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने जिला और अनुमंडल अस्पतालों से मरीजों को अनावश्यक रेफर किए जाने की प्रवृत्ति पर भी सख्त नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त तक अनावश्यक रेफरल पर प्रभावी रोक लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी और सामान्य मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों के लिए मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जून माह में ही तबादला प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि महिला शिक्षकों को उनके पंचायत के निकट तथा पुरुष शिक्षकों को उनके प्रखंड के आसपास के विद्यालयों में पदस्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की सुविधा और बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दोनों सरकार की प्राथमिकता हैं।
मुख्यमंत्री ने विष्णु धाम मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए कहा कि विष्णु धाम के विकास के लिए जितनी भी राशि की आवश्यकता होगी, सरकार उपलब्ध कराएगी।



























