Kaushlendra Pandey पटना, 1 जून। कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी।बिहार में सामाजिक सुरक्षा और बाल विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने समाज कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत प्रत्येक माह की 10 तारीख तक लाभार्थियों के खातों में राशि हर हाल में पहुंचनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसलिए जनकल्याण से जुड़े कार्यों को पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ लागू किया जाए।
प्रमुख निर्देश
वृद्धजन, विधवा एवं दिव्यांग लाभार्थियों को हर माह 10 तारीख तक पेंशन भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
आंगनबाड़ी केंद्रों की तकनीक आधारित डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था विकसित की जाए।
सेविका-सहायिकाओं की नियमित उपस्थिति और बच्चों की 100 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
स्टंटिंग और वेस्टिंग जैसी कुपोषण संबंधी समस्याओं को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
परवरिश योजना के दायरे का विस्तार कर अधिक पात्र लाभार्थियों को जोड़ा जाए।
समाज कल्याण विभाग के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया तेज की जाए।
CSR के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण की संभावनाएं तलाशने का निर्देश दिया गया।
सभी योजनाओं की पारदर्शी एवं समयबद्ध निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आंगनबाड़ी केंद्र जितना अच्छा बनेगा, बच्चों का विकास उतना ही बेहतर होगा।” उन्होंने राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित एवं प्रभावी संचालन पर विशेष बल दिया।
समीक्षा में इन योजनाओं पर हुई चर्चा
बैठक में समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवास ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभागीय योजनाओं की अद्यतन जानकारी दी। समीक्षा के दौरान समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS), सामाजिक सुरक्षा निदेशालय, समाज कल्याण निदेशालय तथा महिला एवं बाल विकास निगम की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
आम लोगों को होगा सीधा लाभ
समय पर पेंशन भुगतान से लाखों वृद्धजन, विधवा और दिव्यांग लाभार्थियों को राहत मिलेगी। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों की बेहतर निगरानी से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा सेवाओं में सुधार आएगा। कुपोषण कम करने के प्रयासों से आने वाले वर्षों में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही योजनाओं का दायरा बढ़ने से अधिक पात्र परिवार सरकारी सहायता का लाभ उठा सकेंगे।
बैठक में रहे मौजूद
बैठक में समाज कल्याण मंत्री Shweta Gupta, मुख्य सचिव Pratyaya Amrit, विकास आयुक्त Mihir Kumar Singh, अपर मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवास, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।




























