पटना 16 जुलाई 2026 ; राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने एनडीए सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को रसातल में पहुंचाने का आरोप लगाते हुए बिहार के छात्रों का भविष्य बर्बाद करने का आरोप लगाया है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि कल 15 जुलाई को राज्यव्यापी भव्य समारोह आयोजित कर मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश में 211 नये सरकारी डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन किया गया है । मतलब खोले गए सभी डिग्री कॉलेजों में आज से पढ़ाई शुरू हो जानी चाहिए। घोषणा के अनुसार इन कॉलेजों में अभी तत्काल छः विषयों की पढ़ाई होगी। कई कॉलेजों में छात्रों का नामांकन भी हो चुका है। दावा किया जा रहा है कि सात निश्चय – 3 के “उन्नत शिक्षा – उज्जवल भविष्य” के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य के सभी प्रखंडों में कॉलेज खोले गए हैं। पर जमीनी हकीकत यह है कि अभी किसी भी कॉलेज में दो से अधिक शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति हीं नहीं हुई है। जिन दो शिक्षकों को प्रतिनियुक्त किया गया है उसमें एक शिक्षक तो प्राचार्य की जिम्मेदारी निभाएंगे तो एक शिक्षक बरसर के प्रभार में रहेंगे। ऐसी स्थिति में छात्रों को पढ़ाएगा कौन ? अधिकांश नये कॉलेजों के पास न अपना भवन है और न आधारभूत संरचना और उपस्कर। अधिकांशतः नये खोले गए कॉलेजों के नाम पर माध्यमिक विद्यालयों में बोर्ड लगा कर उदघाटन का रस्म पुरा कर लिया गया है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि पूर्व स्थापित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पहले से हीं बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली है और अनुबंध के आधार पर शिक्षकों की बहाली कर काम चलाया जा रहा है। कई विषयों में तो एक भी शिक्षक नहीं है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि एनडीए सरकार द्वारा सभी प्रखंडों में ‘मोडॉल स्कूल” खोले गए थे, अभी भी कई ‘मोडॉल स्कूल’ में आवश्यकता अनुसार शिक्षक उपलब्ध नहीं हुए हैं। पूर्व में भी सभी पंचायतों में एक-एक मध्य विधालय को उच्च माध्यमिक विद्यालय में उत्क्रमित किया गया था ,इन विद्यालयों में न उचित आधारभूत संरचना है , न प्रायोगशाला है और न आवश्यकता अनुसार शिक्षक। सम्बद्ध पंचायत के छात्रों को उक्त विधालय में हीं नामांकन के लिए मजबूर किया गया अब ऐसी स्थिति में छात्रों की पढ़ाई कैसी होती होगी ?
राजद प्रवक्ता ने कहा कि एनडीए सरकार की सारी घोषणाएं केवल कागजी और विज्ञापनी है। एनडीए वाले को’उन्नत शिक्षा – उज्जवल भविष्य’ बाले निश्चय का नाम बदलकर ‘बर्बाद शिक्षा-बर्बाद भविष्य’ कर देना चाहिए। क्यों कि एनडीए सरकार ने शिक्षा व्यवस्था का बंटाधार कर छात्रों के भविष्य के साथ क्रुर मजाक कर रही है।




























