Kaushlendra Pandey / पटना। प्रदेश के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि सेवा, संस्कार और समर्पण की भावना ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने भरोसा जताया कि शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में सामूहिक प्रयासों से विकसित भारत के संकल्प को नई गति मिलेगी।
शिक्षा मंत्री गुरुवार की शाम कर्नाटक के मुद्देनहल्ली स्थित सत्य साई ग्राम में आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह और सीएसआर कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित कर रहे थे। इस वर्ष कॉन्क्लेव का विषय ‘रिफॉर्मिंग सीएसआर फॉर ए विकसित भारत’ रखा गया था।
श्री तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि सत्य साई ग्राम द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और सेवा के क्षेत्र में किया जा रहा कार्य अत्यंत प्रेरणादायी है। यह आयोजन विकसित भारत के निर्माण के लिए सामाजिक उत्तरदायित्व और जनभागीदारी को मजबूत करने का अहम प्रयास है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि कॉन्क्लेव में देशभर से आए नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों के साथ विचारों का आदान-प्रदान अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी रहा। ऐसे मंच समाज और राष्ट्र के विकास के लिए नए विचारों तथा साझेदारी के अवसर प्रदान करते हैं।
इसके पूर्व कार्यक्रम के आयोजकों ने शिक्षा मंत्री श्री तिवारी का गर्मजोशी से स्वागत एवं सम्मान किया। मंत्री ने भी सत्य साई परिवार और आयोजकों के प्रति आभार जताया।




























