Kaushlendra Pandey /16 जुलाई 2026, पटना। जद (यू0) प्रदेश प्रवक्ता डा0 निहोरा प्रसाद यादव ने जारी बयान में कहा कि स्वास्थ्य मंत्री माननीय श्री निशांत कुमार द्वारा मरीजों के हित में दिए गए दिशा-निर्देश अत्यंत सराहनीय एवं दूरदर्शी हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों ये स्पष्ट होता है कि उनके लिए गरीब और जरूरतमंद मरीजों की भलाई सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राज्य के शीर्ष सरकारी अस्पतालों के अधीक्षकों के साथ स्वास्थ्य मंत्री द्वारा की गई समीक्षा बैठक तथा उसमें लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के लिए अत्यंत कल्याणकारी सिद्ध होंगे। इन फैसलों से अस्पतालों में इलाज में होने वाली अनावश्यक देरी पर अंकुश लगेगा, स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि जिन मरीजों को आॅपरेशन के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ती थी, उन्हें अब बड़ी राहत मिलेगी। यदि किसी अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण आॅपरेशन में विलंब होता है, तो ऐसे मरीजों का आईजीआईएमएस, एम्स, मेदांता जैसे अस्पतालों में समय पर आॅपरेशन कराने की व्यवस्था न केवल उनकी जान बचाने में सहायक होगी, बल्कि यह श्री निशांत कुमार की संवेदनशीलता और मानवीय कार्यशैली को भी दर्शाता है।
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के उस निर्णय की भी सराहना की, जिसके तहत अस्पतालों के इमरजेंसी विभाग में उपलब्ध बेड की वास्तविक संख्या की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक क्रांतिकारी पहल है। इससे गंभीर मरीजों को समय पर बेड मिलने में सुविधा होगी, उनका इलाज बिना देरी के शुरू किया जा सकेगा तथा अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण गंभीर बीमारियों का इलाज नहीं करा पाने वाले गरीब मरीजों के लिए भी स्वास्थ्य मंत्री ने बड़ी राहत प्रदान की है। श्री निशांत कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि केवल आर्थिक अभाव के कारण किसी गरीब मरीज की जान नहीं जाएगी। ऐसे मरीजों का इलाज आयुष्मान भारत योजना तथा मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के माध्यम से सुनिश्चित कराया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत कुमार के नेतृत्व में बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनहितैषी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी गरीब व्यक्ति केवल संसाधनों या आर्थिक अभाव के कारण इलाज से वंचित न रहे।



























