Kaushlendra Pandey /पटना/जमुई/बांका। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सिमुलतला आवासीय विद्यालय की मौजूदा हालात पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का गौरव वापस लौटाएंगे।
शुक्रवार को एक दिवसीय प्रवास के क्रम में मंत्री ने जमुई एवं बांका जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
जमुई प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री ने सिमुलतला आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा विद्यालय के पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक की। बैठक में शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, आधारभूत सुविधाओं एवं शैक्षणिक परिणामों की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों को उत्कृष्ट वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
इसके बाद बांका के दौरे के क्रम में शिक्षा मंत्री बेलहर प्रखंड स्थित बछौर प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। विद्यालय का निरीक्षण कर पठन-पाठन व्यवस्था का जायजा लिया तथा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय में स्थापित स्मार्ट क्लास का भी उद्घाटन किया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण एवं तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक सुविधाएं विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और रुचिकर बनाएंगी। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं नैतिक विकास के प्रति पूरी निष्ठा के साथ काम करने का आह्वान किया।
मंत्री के निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, विद्यालय प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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पढ़ाई की जगह लड़ाई करने वाले कोचिंग संस्थानों को लेकर राज्य सरकार गंभीर : शिक्षा मंत्री
जमुई दौरे के क्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। स्थानीय परिसदन में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि पढ़ाई की जगह विवाद, अव्यवस्था या अनावश्यक गतिविधियों में लिप्त कोचिंग संस्थानों को बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने कहा कि कोचिंग संस्थानों का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। यदि कोई संस्थान शिक्षा के बजाय लड़ाई-झगड़े, अनुशासनहीनता या अन्य आपत्तिजनक गतिविधियों का केंद्र बनते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए गंभीर है और शिक्षा के माहौल को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा। मंत्री ने कोचिंग संस्थानों से निर्धारित मानकों और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की।




























