प्रिया सिन्हा / नई दिल्ली, 13 जून। 13वें ब्रिक्स अर्बनाइजेशन फोरम का सफलतापूर्वक समापन समावेशी, टिकाऊ और लचीले शहरी विकास के लिए एक साझा घोषणापत्र को अपनाने के साथ हुआ। फोरम में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने शहरीकरण से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों पर व्यापक विचार-विमर्श किया तथा भविष्य के लिए सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
फोरम के दौरान ‘सिटीज फॉर पीपल : अर्बन स्टोरीज फ्रॉम ब्रिक्स नेशन्स’ शीर्षक से एक विशेष प्रकाशन भी जारी किया गया, जिसमें ब्रिक्स देशों की सफल शहरी पहलों और उत्कृष्ट प्रथाओं का संकलन प्रस्तुत किया गया है। इस दस्तावेज़ में विभिन्न देशों के अनुभवों और नवाचारों को साझा किया गया, जो अन्य देशों के लिए भी मार्गदर्शक साबित हो सकते हैं।
बैठक में भारत द्वारा प्रस्तावित ‘ब्रिक्स अर्बन रिसर्च एंड नॉलेज नेटवर्क’ की स्थापना के विचार का सभी सदस्य देशों ने स्वागत किया। इस नेटवर्क का उद्देश्य शहरी विकास से जुड़े अनुसंधान, नवाचार, ज्ञान साझाकरण और नीति निर्माण में सहयोग को बढ़ावा देना है।
फोरम में सहभागी देशों ने इस बात पर जोर दिया कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच नागरिकों की आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर शहरों का विकास किया जाना चाहिए। साथ ही जलवायु परिवर्तन, आवास, परिवहन, बुनियादी ढांचे और डिजिटल नवाचार जैसे विषयों पर साझा प्रयासों को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई।
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार, यह फोरम ब्रिक्स देशों के बीच शहरी विकास के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने और भविष्य के शहरों को अधिक समावेशी, सुरक्षित एवं टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी।


























