पटना ब्यूरो , २० जून। ‘कही अनकही बातें’ की सुप्रसिद्ध कवयित्री और विदुषी प्राध्यापिका प्रो आरती राजहंस को, उनके तीसरे स्मृति-दिवस पर श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। शनिवार को, हनुमान नगर स्थित एम आइ जी-२४४ में आयोजित, स्मृति-समारोह में बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ एवं अन्य साहित्यकारों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
स्मृति-पर्व का आरम्भ विधिपूर्वक पूजन से हुआ, जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा से अवकाश प्राप्त उनके दोनों पुत्रों, नागालैंड सरकार में मुख्यसचिव रहे ज्योति कलश तथा राजस्थान सरकार में पुलिस महानिदेशक रहे अमृत कलश ने भोग अर्पित किया। उनके साथ उनके सभी परिजन श्रद्धाभाव से उपस्थित थे।
श्रद्धा-सुमन अर्पित करने वालों में विदुषी प्राध्यापिका डा आशा त्रिपाठी, कुमार अनुपम, डा अर्चना त्रिपाठी, स्वर्गीया राजहंस की पुत्री रिमझिम वर्षा, पुत्रवधुएँ प्रमिला कलश, मनीषा कलश, अपराजिता, नूपुर सहाय, राजीव सिन्हा, अमर सिन्हा, विशाल वर्मा आदि बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन सम्मिलित थे।



























