सौरभ निगम / नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने स्वदेशी ‘नेत्र’ विमानस्थ प्रारंभिक चेतावनी एवं नियंत्रण (AEW&C) प्रणाली का अंतिम परिचालन स्वीकृति (Final Operational Clearance-FOC) प्रमाणपत्र भारतीय वायुसेना को सौंपकर देश की रक्षा क्षमता को नई मजबूती प्रदान की है।
भारतीय वायुसेना, डीआरडीओ तथा रक्षा उद्योग के संयुक्त सहयोग से विकसित यह अत्याधुनिक प्रणाली हवाई निगरानी, दुश्मन की गतिविधियों पर सतत नजर रखने, स्थिति संबंधी जागरूकता (Situational Awareness) और युद्ध प्रबंधन क्षमताओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
‘नेत्र’ AEW&C प्रणाली भारतीय वायुसेना को लंबी दूरी तक हवाई गतिविधियों की निगरानी, संभावित खतरों की समय रहते पहचान तथा लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य संसाधनों के बेहतर समन्वय में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगी। यह उपलब्धि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी नई गति देने वाली मानी जा रही है।
डीआरडीओ की इस सफलता से भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और वायु सुरक्षा क्षमता को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा तथा भविष्य की सैन्य चुनौतियों का सामना करने में भारतीय वायुसेना और अधिक सक्षम होगी।
























