Kaushlendra Pandey /पटना। अधिवेशन भवन में रविवार से शुरू राज्यस्तरीय कार्यशाला के उद्घाटन के बाद अलग-अलग सत्रों में शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक चिंतन और विमर्श किया गया।
कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत ‘खेलेगा बिहार, पढ़ेगा बिहार’ विषय पर चर्चा हुई। माननीय खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने प्रतिभागियों के बीच अपने विचार साझा किए। उन्होंने शिक्षा के साथ खेल को भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
डीएम श्री कुंदन कुमार ने अपनी प्रस्तुति में स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष श्री त्यागराजन एसएम ने ‘हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान’ विषय पर आयोजित विशेष सत्र में प्रस्तुति दी। उन्होंने विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता और विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक पहलुओं पर प्रकाश डाला।
अक्षय पात्रा फाउंडेशन के निदेशक ने पीएम पोषण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रस्तुति दी। इस दौरान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने तथा योजना के बेहतर संचालन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
बीएसईआईडीसी के पदाधिकारियों ने भी विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रस्तुति दी। विद्यालयों में आधारभूत संरचना और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़े पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यशाला के दौरान ई-शिक्षाकोष और एचआरएमएस के एकीकरण से संबंधित तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
शिक्षा विभाग के विशेष सचिव श्री धर्मेन्द्र कुमार ने केंद्र सरकार के साथ हुई बैठक में राज्य की ओर से दिए गए सुझावों और महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्रतिभागियों के साथ साझा की। उन्होंने केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय तथा शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक पहलुओं पर चर्चा की।
अंतिम सत्र में सभी प्रतिभागियों ने शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी राय रखी। अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इन विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए आगे की कार्ययोजना को और प्रभावी बनाने पर भी विचार किया गया।