हिन्दी-पखवारा के दूसरे दिन आयोजित हुई श्रुतलेख एवं कथा-लेखन प्रतियोगिता / साहित्य सम्मेलन में विद्यार्थियों को पढ़ाया गया सुलेख का पाठ, पुस्तक-मेले में उमड़ी भींड़
पटना, २ सितम्बर । हिन्दी पखवारा के अंतर्गत, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में लगाए गए ‘पुस्तक-चौदस-मेला’ के दूसरे दिन, बुधवार को छोटे बच्चों के लिए ‘श्रुतलेख-प्रतियोगिता’ तथा छठी कक्षा से ऊपर के विद्यार्थियों के लिए कथा-लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। लोयला हाई स्कूल,पटना, सैंट जौन्स स्कूल, क़दमकुआं, किलकारी, सैदपुर, प्रभुतारा स्कूल, संकरी गली, पटना सिटी, सुदर्शन सेंट्रल स्कूल, गार्गी पाठशाला, पटना, शिवम् कौंवेंट आदि विद्यालयों के पचास से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
प्रतियोगिता के आरंभ में सम्मेलन के साहित्यमंत्री भगवती प्रसाद द्विवेदी ने ‘श्रुतलेख’ और कथा-लेखन के महत्त्व को समझाते हुए, विद्यार्थियों को सुलेख का पाठ पढ़ाया । उन्होंने विद्यार्थियों से सम्मेलन द्वारा ५ और ६ सितम्बर को आहूत हो रही ‘कथा-कार्यशाला’ और ‘काव्य-कार्यशाला’ में प्रतिभागिता के लिए भी आग्रह किया।
इस अवसर पर, निर्णायक-मण्डल के सदस्य चित्तरंजन लाल भारती, डा ऋचा वर्मा, विभारानी श्रीवास्तव, डा मनोज गोवर्धनपुरी, प्रतियोगिता आयोजन समिति के संयोजक ई अशोक कुमार, कुमार अनुपम, डा नागेश्वर प्रसाद यादव, कृष्ण रंजन सिंह, इन्दुभूषण सहाय, नम्रता कुमारी,वी के मिश्रा समेत विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकगण भी उपस्थित थे।
प्रतियोगिता के पश्चात विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने पुस्तक मेले का भी लाभ उठाया तथा बाल-साहित्य के अतिरिक्त अन्य पुस्तकों की भी ख़रीद की।