BRICS सम्मेलन के दौरान PM मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात, पश्चिम एशिया के हालात पर हुई चर्चा
Kaushlendra pandey /नई दिल्ली। BRICS शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS से संबंधित बैठकों में ईरान की नियमित और उच्चस्तरीय भागीदारी के लिए राष्ट्रपति पेजेशकियन का आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद BRICS की गतिविधियों में ईरान की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। क्षेत्र में जारी तनाव और अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की लगातार चली आ रही नीति को दोहराते हुए कहा कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति के साथ-साथ समुद्री मार्गों पर आवागमन और वाणिज्य की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना भी बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने समुद्री मार्गों से जुड़े लोगों और नाविकों की सुरक्षा एवं कल्याण पर भी विशेष जोर दिया। भारत का मानना है कि क्षेत्रीय तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, समुद्री आवाजाही और नाविकों की सुरक्षा पर नहीं पड़ना चाहिए।
भारत और ईरान के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक और बहुआयामी संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और क्षेत्रीय सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्र द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख आधार हैं।
BRICS सम्मेलन के दौरान हुई मोदी-पेजेशकियन मुलाकात को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर पूरी दुनिया की नजरें इस क्षेत्र पर हैं। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षित समुद्री मार्ग और कूटनीतिक समाधान का पक्षधर है।
कंट्री इनसाइड न्यूज़ एजेंसी