अध्यापन के साथ शोध और नवाचार को कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाएं : उच्च शिक्षा मंत्री
Kaushlendra pandey / पटना। उच्च शिक्षा मंत्री श्री संजय सिंह टाइगर ने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों से कहा है कि वे अध्यापन के साथ शोध और नवाचार को अपनी कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाएं और विद्यार्थियों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक होना सिर्फ पेशा नहीं, समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे अहम दायित्व है।
बापू सभागार में रविवार को आयोजित उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री टाइगर ने कहा कि बिहार के विद्यार्थी राज्य के भविष्य की सबसे बड़ी संभावना हैं। आज जिन विद्यार्थियों को आप पढ़ा रहे हैं, वे आगे चलकर अलग-अलग क्षेत्रों में जाएंगे और अपनी शिक्षा एवं प्रतिभा से बिहार और देश का नाम रोशन करेंगे। उनकी सफलता में आपका योगदान होगा और यह आपके लिए भी गर्व की अनुभूति का विषय होगा।
उन्होंने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों से कहा कि जब भी कक्षा में जाएं तो इस भाव के साथ जाएं कि आप केवल पढ़ाने नहीं, भविष्य गढ़ने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भले ही कोई शिक्षक संविदा पर कार्यरत हों, लेकिन उनकी जिम्मेदारी कभी अस्थायी नहीं होती। इसे ज्ञान की साधना और समाज की सेवा के रूप में स्वीकार करना चाहिए।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि तकनीकी बदलाव से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। इसे आगे बढ़ने और अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने के अवसर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई शिक्षक का विकल्प नहीं हो सकता। विद्यार्थियों में संस्कार और मानवीय मूल्यों का विकास एआई नहीं, बल्कि शिक्षक ही कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक को विद्यार्थियों की व्यक्तिगत क्षमता और जरूरत को समझने का प्रयास करना चाहिए। विशेष रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर ध्यान देकर यदि उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा कर दिया जाए, तो यह शिक्षक के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होगी।
संबोधन के दौरान मंत्री ने सहायक प्राध्यापकों के सामने पांच संकल्पों का उल्लेख किया। उन्होंने महात्मा बुद्ध की कहानी के माध्यम से शिक्षकों को आचरण की शुद्धता, सहनशीलता और मर्यादा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि शिक्षक का आचरण ही विद्यार्थियों के लिए सबसे प्रभावी संदेश होता है।
मंत्री ने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों से अपेक्षा की कि वे अपने ज्ञान, शोध, नवाचार और आचरण के माध्यम से उच्च शिक्षा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।