विकसित बिहार की नींव शिक्षा, प्रतिभा और सामाजिक सहभागिता से मजबूत होगी : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
Kaushlendra pandey पटना। पटना के गांधी मैदान स्थित बापू सभागार में रविवार को ‘विकसित बिहार : नींव से निर्माण तक’ महामंथन-सह-लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार का भविष्य उसकी गौरवशाली विरासत, मजबूत सामाजिक आधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतिभाशाली युवाओं से जुड़ा है। बिहार ने ज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में देश को महत्वपूर्ण दिशा दी है। अब इसी विरासत को आधुनिक विकास के साथ जोड़ते हुए विकसित बिहार के निर्माण का संकल्प पूरा करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की पहचान केवल उसके इतिहास से नहीं, बल्कि आज के युवाओं की प्रतिभा और उनकी उपलब्धियों से भी बन रही है। राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान लोगों को सम्मानित करना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि विकसित बिहार के निर्माण के लिए शिक्षा को विकास की सबसे मजबूत नींव बनाना होगा। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, कौशल विकास, रोजगार और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। बिहार के युवा प्रतिभा के मामले में किसी से पीछे नहीं हैं। जरूरत इस बात की है कि उनकी प्रतिभा को सही दिशा, संसाधन और अवसर मिले।
मुख्यमंत्री ने बिहार की गौरवशाली ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि पाटलिपुत्र, नालंदा, विक्रमशिला और चाणक्य की ज्ञान परंपरा बिहार की पहचान रही है। इस विरासत को आधुनिक बिहार की विकास यात्रा से जोड़कर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। बिहार को विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए अपनी ऐतिहासिक ताकत के साथ आधुनिक शिक्षा, तकनीक और आधारभूत संरचना को मजबूत करना होगा।
सम्राट चौधरी ने सामाजिक सहभागिता पर जोर देते हुए कहा कि केवल सरकार के प्रयास से विकसित बिहार का सपना पूरा नहीं हो सकता। इसमें समाज, बुद्धिजीवियों, युवाओं, शिक्षाविदों, उद्यमियों और विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे लोगों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। सामूहिक प्रयास से ही बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बिहार की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और इतिहास से जोड़ते हुए आधुनिक अवसरों के लिए तैयार करना होगा। शिक्षा और प्रतिभा को रोजगार, उद्यमिता तथा नवाचार से जोड़ना समय की आवश्यकता है। बिहार के युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा राज्य के विकास की सबसे बड़ी शक्ति बन सकती है।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान केवल उपलब्धि की पहचान नहीं, बल्कि आगे और बेहतर करने की जिम्मेदारी भी है। प्रतिभाशाली युवाओं की सफलता दूसरे विद्यार्थियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकसित बिहार—नींव से निर्माण तक’ केवल एक कार्यक्रम का विषय नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य को लेकर सामूहिक सोच और संकल्प का संदेश है। बिहार की मजबूत नींव शिक्षा, सामाजिक एकजुटता, प्रतिभा, सुशासन और विकास के निरंतर प्रयासों से तैयार होगी और इसी आधार पर आधुनिक एवं समृद्ध बिहार का निर्माण किया जाएगा।
समारोह में लव-कुश समाज के साथ-साथ प्रगतिशील बुद्धिजीवी वर्ग और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हुए। आयोजन का मुख्य संदेश बिहार के विकास में सामाजिक भागीदारी बढ़ाने और प्रतिभाओं को सम्मान देकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य सम्मान समारोह से आगे बढ़कर विकसित बिहार के निर्माण को लेकर विचार-विमर्श और जनभागीदारी का वातावरण तैयार करना था।
पटना से कंट्री इनसाइड न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट।