डॉ. रवींद्र किशोर सिन्हा के निधन से मर्माहत डॉ. अनिल सुलभ, बोले— बिहार ने अपना महान संरक्षक और शुभचिंतक खो दिया
अत्यंत दुखद !
शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, समाजसेवा और पत्रकारिता के महान संरक्षक और पोषक तथा राज्यसभा के पूर्व सदस्य डा रवींद्र किशोर सिन्हा नहीं रहे! उन्होंने आज प्रातः नोएडा स्थित अपने आवास पर अपनी अंतिम साँस ली। वे लगभग एक वर्ष से निश्चेतन थे।
उनके निधन से बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन ने अपना सबसे बड़ा शुभेच्छु और संरक्षक खो दिया है। यह अनेकानेक प्रकार से समाज की बहुत बड़ी क्षति है। व्यक्तिगत रूप से मैं स्वयं अत्यंत व्यथित अनुभव कर रहा हूँ। मेरे प्रति अत्यंत सम्मानयुक्त-स्नेह रखते थे । मित्र मानते थे! पर मैं उन्हें अपना बड़ा भाई मानता था!
उनके जैसा उदार और निष्काम सेवा करने वाला महापुरुष करोड़ों में एक होते हैं। परमात्मा ने उन्हें अनेक महान कार्य सौंपे थे, जिन्हें उन्होंने श्रद्धा-पूर्वक पूरा किया। परमात्मा उन्हें अपने चरणों में स्थान दें ! वे पवित्र आत्मा थे ! परमात्मा के प्रिय लोगों में थे! परमात्मा अवश्य ही उन्हें अपने लोक में स्थान देंगे ! ओम शांति!
— डॉ. अनिल सुलभ