भारत के किस न्यायाधीश की मातृ-भाषा अंग्रेज़ी है? बताएँ माननीय?/साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष ने पूछा- हिन्दी में पक्ष रखने वाले अधिवक्ताओं का अपमान क्यों?
पटना, २१ जून। भारत के किसी भी माननीय न्यायाधीश की मातृ-भाषा अंग्रेज़ी नहीं है। फिर भारत की भाषा हिन्दी से इतनी घृणा और अंग्रेज़ी से प्रेम क्यों? भारत में भारत की भाषा में पक्ष रखने वाले अधिवक्ताओं का तिरस्कार और अपमान क्यों? यदि किसी माननीय की मातृ-भाषा…
राहुल गांधी काग्रेस जोड़ो, समाज तोड़ो अभियान चला रहे है : नागेंद्र तिवारी
शिवशंकर शुक्ल, मुंबई : राहुल गांधी का यह वक्तव्य हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा नही देगे। हिंदी का विरोध करना उनकी मानसिकता को दर्शाता है और उनका विचार है की दक्षिण भारतीय हिंदी नही लिखे, पढ़े ताकि वे एक राज्य तक सीमित रहे। यह कहना है भाजपा नेता व उत्तर…
बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन पटना में मनाई गई मुंशी प्रेमचंद की जयंती
पटना, बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन पटना में मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर हिंदी कथा लेखक श्री चितरंजन लाल भारती के कहानी संग्रह ‘प्रिसाइडिंग ऑफीसर की डायरी’ का लोकार्पण डॉ अनिल सुलभ ने किया, हिंदी के बड़े-बड़े विद्वान उपस्थित थे, डॉक्टर सुलभ ने…