Kaushlendra Pandey/नई दिल्ली। सिविल सेवा दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में देशभर के सिविल सेवकों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि “जनसेवा को ही जीवन का मंत्र मानने वाले अधिकारी ही देश को आगे ले जाते हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज जिस गति से विकास की ओर बढ़ रहा है, उसमें सिविल सेवकों की जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने नवाचार, पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर देते हुए कहा, “21वीं सदी का भारत परिणाम देने वाले सिस्टम की अपेक्षा करता है, और इसमें हमारे अधिकारी अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।”
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने वाले अधिकारियों को सम्मानित भी किया और कहा कि “ईमानदारी और समर्पण ही सच्चे ‘सिविल सर्वेंट’ की पहचान है।” उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे सिविल सेवा को देशसेवा का माध्यम मानें, न कि सिर्फ एक नौकरी।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, कैबिनेट सचिव, वरिष्ठ नौकरशाहों समेत विभिन्न राज्यों के अधिकारी भी मौजूद रहे।




























