वंदे मातरम विवाद पर विपक्ष को मिली कड़ी प्रतिक्रिया, अंगुल विधायक प्रताप चंद्र प्रधान का तीखा प्रहार
भुनेश्वर/ओडिशा। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर उठे विवाद ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। विपक्ष की आपत्तियों और आलोचनाओं पर अंगुल के विधायक प्रताप चंद्र प्रधान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश की भावनाओं का सम्मान करना हर भारतीय की जिम्मेदारी है, राजनीति के नाम पर राष्ट्रभक्ति पर सवाल उठाना उचित नहीं।
विधायक प्रताप चंद्र प्रधान ने कहा कि “वंदे मातरम का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं। यह राष्ट्र की अस्मिता, आज़ादी के संघर्ष और हमारे महान बलिदानों की याद दिलाता है। विपक्ष इस मुद्दे पर अनावश्यक विवाद पैदा कर रहा है।”
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आज की राजनीति में देशभक्ति और राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। सांस्कृतिक मूल्यों पर चोट पहुंचाकर लोकप्रियता हासिल करने की प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए सही दिशा नहीं दिखाती। प्रधान ने यह भी अपील की कि युवाओं को राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय प्रतीकों के महत्व को समझना चाहिए, ताकि देश एकता और बंधुत्व की भावना के साथ आगे बढ़ सके।
स्थानीय जनसमर्थन भी विधायक के साथ खड़ा दिखा। कई सामाजिक संगठनों ने कहा कि वंदे मातरम को लेकर विवाद खड़ा करना निरर्थक है, बल्कि इसे शिक्षा और जनचेतना में और मजबूत रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
विवाद के बीच विधायक की यह कड़ी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है, जहां लोग भारत की संस्कृति और गौरव से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक और देशहित आधारित संवाद की मांग कर रहे हैं।