पूर्वोत्तर क्षेत्र (NER) में बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स लागत और कनेक्टिविटी को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. डॉ. माणिक साहा ने हाई-लेवल टास्क फोर्स (HLTF) की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की
पूर्वोत्तर क्षेत्र (NER) में बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स लागत और कनेक्टिविटी को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. डॉ. माणिक साहा ने हाई-लेवल टास्क फोर्स (HLTF) की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों में आधारभूत संरचना और संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित रही।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने भी भाग लिया और उत्तर-पूर्व भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाने को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व क्षेत्र देश की “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” का अहम प्रवेश द्वार है और यहां कनेक्टिविटी में सुधार से आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
हाई-लेवल टास्क फोर्स की इस बैठक में क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी से जुड़ी चुनौतियों की गहन समीक्षा की गई। साथ ही अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राथमिकताओं का आकलन किया गया। इसके अलावा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संस्थागत तंत्र और विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत कर उत्तर-पूर्वी राज्यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से बेहतर तरीके से जोड़ा जाए, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आए और निवेश को बढ़ावा मिले।
यह बैठक पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER), भारत सरकार के नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसे उत्तर-पूर्व भारत के समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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