जम्मू-कश्मीर के चटरगाला दर्रे पर BRO का साहसिक अभियान बर्फ़ीले तूफान में फंसे 60 लोगों को सुरक्षित निकाला, 38 किमी सड़क बहाल
प्रियंका भारद्वाज/नई दिल्ली/जम्मू-कश्मीर।सीमावर्ती क्षेत्रों में राष्ट्र सेवा के अपने दायित्व को निभाते हुए सीमा सड़क संगठन (Border Roads Organisation – BRO) ने एक बार फिर अदम्य साहस, तकनीकी दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया है। जम्मू-कश्मीर के अत्यंत दुर्गम और उच्च हिमालयी क्षेत्र स्थित चटरगाला दर्रे पर BRO ने सफलतापूर्वक उच्च-ऊंचाई बचाव एवं सड़क बहाली अभियान संचालित किया।
35 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स (BRTF) के अंतर्गत कार्यरत 118 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (RCC) ने 24 जनवरी 2026 की सुबह भारी हिमपात के बीच बर्फ हटाने का अभियान शुरू किया। इस दौरान सड़क पर 5 से 6 फीट मोटी बर्फ की परत जमी हुई थी। प्रतिकूल मौसम, अत्यधिक ठंड और कठिन भू-भाग के बावजूद BRO के जवानों ने लगातार लगभग 40 घंटे तक अथक परिश्रम कर करीब 38 किलोमीटर सड़क को बर्फ से मुक्त किया।
इस ऐतिहासिक प्रयास के परिणामस्वरूप 25 जनवरी 2026 की शाम तक मार्ग पूरी तरह खोल दिया गया, जिससे राहत और बचाव कार्य संभव हो सका। मार्ग खुलते ही 20 फंसे हुए नागरिकों और 4 राष्ट्रीय राइफल्स (Rashtriya Rifles) के 40 जवानों को उनके हथियारों और आवश्यक सैन्य सामग्री सहित सुरक्षित रूप से निकाला गया।
यह अभियान न केवल सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, बल्कि दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मील का पत्थर साबित हुआ। BRO के इस साहसिक और समर्पित प्रयास ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि संगठन “राष्ट्र निर्माण के साथ राष्ट्र रक्षा” के अपने आदर्श वाक्य को पूर्ण निष्ठा के साथ निभा रहा है।
सीमा सड़क संगठन के सभी कर्मियों को इस उत्कृष्ट सेवा और अद्वितीय समर्पण के लिए राष्ट्र का सलाम।
— कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी