साहित्य सम्मेलन के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हुए डा अनिल सुलभ / निर्वाचन-पदाधिकारी ने दिया प्रमाण-पत्र, साहित्यकारों ने किया अभिनन्दन, बँटी मिठाइयाँ
kaushlendra Pandey /पटना, २७ जुलाई। आगामी कार्यकाल के लिए बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर, सम्मेलन के वर्तमान अध्यक्ष डा अनिल सुलभ को पुनः निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया है। नामांकन-पत्रों की जाँच के पश्चात सोमवार की संध्या निर्वाचन-पदाधिकारी और पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता पण्डित जी पाण्डेय ने डा सुलभ को निर्वाचन का प्रमाण-पत्र प्रदान किया।
समरणीय है कि विगत २५ और २६ जुलाई को नामांकन-प्रपत्र भरने की पूर्व निर्धारित दिनों में इस पद हेतु केवल, सम्मेलन के वर्तमान अध्यक्ष डा अनिल सुलभ की ओर से ही नामांकन प्रपत्र भर गए और किसी भी अन्य व्यक्ति द्वारा नामांकन नहीं किया गया। सोमवार की संध्या सम्मेलन-भवन में निर्वाचन पदाधिकारी ने अपने दो सहयोगी सहायक निर्वाचन पदाधिकारियों धंनेंद्र चौबे और राधा रमण के साथ, इस पद के एक मात्र प्रत्याशी डा अनिल सुलभ एवं अन्य बड़ी संख्या में उपस्थित सम्मेलन के सदस्यों की उपस्थिति में, नामांकन-प्रपत्रों की जाँच की और डा अनिल सुलभ के नामांकन को वैध पाया। निर्वाचन-पदाधिकारी ने, आश्वस्त हो जाने के पश्चात की डा सुलभ अपना नामांकन वापस नहीं ले रहे हैं, उनके विधिवत निर्विरोध निर्वाचित होने की घोषणा की और उन्हें निर्वाचन का प्रमाण-पत्र प्रदान किया।
डा सुलभ के एक बार पुनः निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने पर, उपस्थित साहित्यकारों ने हर्ष-ध्वनि के साथ डा सुलभ का अभिनन्दन किया तथा उन्हें बधाइयाँ दी। देखते ही देखते डा सुलभ पुष्प-हारों से ढक दिए गए। ९३ वें वर्षीय साहित्यकार डा शिववंश पाण्डेय, सम्मेलन के वरिष्ठतम सदस्य और डा सुलभ के प्रथम प्रस्तावक डा शंकर प्रसाद, डा पुष्पा जमुआर, विभारानी श्रीवास्तव, डा नागेश्वर प्रसाद यादव, कृष्ण रंजन सिंह, पं गणेश झा, डा जंग बहादुर पांडेय, प्रो उषा सिंह, शमा कौसर ‘शमा’, डा शालिनी पाण्डेय, चंदा मिश्र, डा अर्चना त्रिपाठी, सदानन्द प्रसाद, ईं अशोक कुमार, सुनील कुमार’मलंग’, प्रवीर कुमार पंकज, शम्भूनाथ पाण्डेय, शशि भूषण कुमार, श्रीकांत व्यास, विजय कुमार सिंह, रविकान्त पाण्डेय, इंदु भूषण सहाय, शोभाकांत झा समेत बड़ी संख्या में उपस्थित साहित्यकारों और सम्मेलन के सदस्यों ने अपनी शुभकामनाएँ दी।
अपने कृतज्ञता-ज्ञापन में डा सुलभ ने कहा कि वे सम्मेलन के सभी माननीय सदस्यों की ओर से प्राप्त हुए प्रेम से अभिभूत हैं। सबने मेरे प्रति विश्वास व्यक्त किया। सम्मेलन के अनेक सदस्य साहित्यकार अध्यक्ष-पद के सर्वथा योग्य हैं। फिर भी उनमें से कोई भी प्रत्याशी न होकर, मेरा जो सम्मान बढ़ाया है, मैं उसे कभी भूल नहीं सकता। सबका आभारी हूँ। आशा करता हूँ कि सबका सहयोग, पहले की अपेक्षा और अधिक प्राप्त होगा। ताकि हम सम्मेलन के गौरव को और अधिक बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में सम्मेलन की स्वामिनी-संस्था ‘स्थायी-समिति’ की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसके निर्देशानुसार सम्मेलन की नयी कार्य समिति गठित की जाएगी।