मोदी के लिए महंगाई अब डायन नहीं महारानी है- तेजस्वी
सौरभ निगम / डबल इंजन सरकार की गलत नीतियों से देश में महंगाई एक भीषण समस्या बन चुकी है। मोदी जी की अगुवाई में डबल इंजन सरकार ने प्रण लिया है कि खाद्य पदार्थों, पेट्रोल-डीजल, खाद-बीज, बिजली और गैस सिलेंडर की क़ीमतें बढ़ाकर किसानों और आम लोगों को भूखा मार देंगे।
महंगाई को डायन बताने वाले आज महंगाई को महारानी समझ इससे चिपकर बैठे है। सरकार में बैठे लोग महंगाई रूपी प्रियतमा को दूर कर ही नहीं पा रहे है।
डबल इंजन सरकार की पूँजीपरस्त नीतियों ने गरीब व मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। खाद्य पदार्थों, खाद्य तेल के दाम तो आसमान छू ही रहे थे, खाना खरीदने के साथ साथ अब खाना पकाना भी महँगा हो गया है।
केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना के खूब कसीदे पढ़े, खूब महिमामंडन किया। क्या आज इस सरकार में हिम्मत है कि गाँव-गाँव जाकर उज्ज्वला योजना की समीक्षा करें और देश को इसकी वास्तविकता बताएँ। आज गरीबों के घर में खाली पड़े सिलेंडर मुँह चिढ़ा रहे हैं।
2014 में ₹384 प्रति रसोई गैस के सिलिंडर कंधे पर ढो-ढोकर प्रदर्शन करने वाले भाजपाई लोग आज प्रति सिलेंडर की क़ीमत ₹1100 करने के बाद भी सत्ता में बैठ गूँगे-अंधे और बहरे ही नहीं बल्कि बेशर्म भी बन चुके है। चौतरफा महँगाई से गरीबों और मध्यम वर्ग की जेबों पर डाका पड़ ही रहा था, तेल दाल चीनी आलू प्याज टमाटर और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी के पेट पर अब लात मार दी है।
ऐसा प्रतीत होता है कि मोदी जी और उनकी भाजपाई कंपनी ने कमर कस ली है गरीबों को लूटकर अमीरों को मालामाल कर आम आदमी का जीना मुहाल कर के दम लेंगे।
महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और भुखमरी के खात्मे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।