किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर बड़ा समझौता, अमित शाह की मौजूदगी में 6 राज्यों ने मिलकर बढ़ाया जल सहयोग का कदम
Kaushlendra pandey / नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति में किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर छह राज्यों के बीच महत्वपूर्ण समझौता हुआ। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते से परियोजना से जुड़े सभी छह राज्यों को लाभ मिलने की बात कही गई है। किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को उत्तर भारत में जल प्रबंधन, सिंचाई, पेयजल, जलविद्युत और यमुना के पर्यावरणीय प्रवाह की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
परियोजना के तहत उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर टोंस नदी पर एक बड़े बांध का निर्माण प्रस्तावित है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, परियोजना में 232.6 मीटर ऊंचे कंक्रीट ग्रेविटी बांध का प्रावधान है और इसमें लगभग 1,562 मिलियन क्यूबिक मीटर जल भंडारण की क्षमता होगी।
परियोजना से लगभग 97 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और करीब 1,476 मिलियन यूनिट जलविद्युत उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही यमुना नदी में जल उपलब्धता बढ़ाने और पर्यावरणीय प्रवाह को बेहतर बनाने की दिशा में भी इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्र सरकार ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया है। परियोजना के जल घटक की लागत का लगभग 90 प्रतिशत वित्तीय भार भारत सरकार उठाएगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत राशि भागीदार राज्यों द्वारा वहन की जाएगी।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस समझौते को राज्यों के बीच सहमति और सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि संवाद और आपसी सहमति के माध्यम से जल से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
अमित शाह ने 2018 से 2026 के कालखंड का उल्लेख करते हुए उत्तर भारत में जल से जुड़े विभिन्न विषयों पर राज्यों के बीच सहमति बनाने की प्रक्रिया को रेखांकित किया। उन्होंने किशाऊ परियोजना को दिल्ली और यमुना दोनों के लिए लाभकारी बताते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इसके महत्व पर भी जोर दिया।
समझौते के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मौजूद रहे।
किशाऊ परियोजना को लेकर हुआ यह समझौता लंबे समय से लंबित अंतरराज्यीय जल सहयोग को आगे बढ़ाने वाला कदम है। परियोजना के पूरा होने के बाद इससे जल भंडारण, सिंचाई, बिजली उत्पादन और यमुना बेसिन में जल प्रबंधन से जुड़े कई क्षेत्रों में लाभ मिलने की उम्मीद है।
कंट्री इनसाइड समाचार एजेंसी की रिपोर्ट।
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