पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ भारत अभियान पर पुस्तक का लोकार्पण
पटना, 20 सितंबर। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं सतत विकास के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “Environmental Sustainability and Swachh Bharat Abhiyan” पुस्तक का लोकार्पण समारोह रविवार को जे.डी. वीमेंस कॉलेज, बेली रोड, पटना के सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा जगत से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री संजय सिंह ‘टाइगर’ थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अबू बकर रिज़वी उपस्थित रहे, जबकि समारोह की अध्यक्षता बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC), पटना के अध्यक्ष प्रो. गिरीश कुमार चौधरी ने की।
पुस्तक के सह-लेखक प्रो. तपन कुमार शांडिल्य, प्रो. मनोज कुमार एवं डॉ. विनय भूषण कुमार ने पुस्तक की विषयवस्तु एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसमें पर्यावरणीय स्थिरता, स्वच्छ भारत अभियान, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जैव विविधता, स्वच्छता तथा सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों को विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप सरल एवं व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक का प्रकाशन एस. चंद पब्लिशिंग द्वारा किया गया है।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री संजय सिंह ‘टाइगर’ ने पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता को प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं और विद्यार्थियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को केवल एक अभियान तक सीमित न रखकर उसे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने पर बल दिया।
प्रो. अबू बकर रिज़वी ने पुस्तक के प्रकाशन पर लेखकों को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जागरूकता के साथ-साथ व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन भी आवश्यक है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों को पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. गिरीश कुमार चौधरी ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों का दायित्व केवल विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उनमें सामाजिक एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने इस पुस्तक को पर्यावरणीय जागरूकता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी शैक्षणिक पहल बताया।
इस अवसर पर जे.डी. वीमेंस कॉलेज की प्राचार्या प्रो. मीरा कुमारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता को शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने हेतु महाविद्यालयों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
समारोह में विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, शिक्षकेतर कर्मचारी, शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे। उपस्थित शिक्षाविदों एवं विद्यार्थियों ने पुस्तक के प्रकाशन की सराहना करते हुए इसे पर्यावरणीय चेतना, स्वच्छता एवं सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों एवं लेखकों द्वारा पुस्तक का औपचारिक लोकार्पण किया गया। यह समारोह शिक्षा, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के मध्य समन्वय स्थापित करने तथा विद्यार्थियों में पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम सिद्ध हुआ। अंत में सभी अतिथियों, लेखकों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।