CIN /महान साहित्यकार,प्राध्यापक और राजनेता थे शैलेंद्रनाथ श्रीवास्तव : पूर्व राज्यपाल, जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ समारोह
पटना, २० मार्च । पटना से सांसद रहे लोकप्रिय राजनेता प्रो शैलेंद्रनाथ श्रीवास्तव एक महान साहित्यकार, प्राध्यापक और राज नेता थे। एक व्यक्ति में इतने गुण विरल होते हैं। उनका व्यक्तित्व अत्यंत मोहक और प्रभावशाली था। उनका जीवन सादगी और कर्मठता से भरा हुआ था।…
CIN /महान साहित्यकार,प्राध्यापक और राजनेता थे शैलेंद्रनाथ श्रीवास्तव : पूर्व राज्यपाल जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ समारोह
पटना, २० मार्च । पटना से सांसद रहे लोकप्रिय राजनेता प्रो शैलेंद्रनाथ श्रीवास्तव एक महान साहित्यकार, प्राध्यापक और राज नेता थे। एक व्यक्ति में इतने गुण विरल होते हैं। उनका व्यक्तित्व अत्यंत मोहक और प्रभाशाली था। उनका जीवन सादगी और कर्मठता से भरा हुआ था।…
CIN /दक्षिण में दुकानों और मकानों पर हिन्दी में भी नाम-पट्टिका लगायी जाएँगी-केरल के साहित्यकारों ने दिलाया विश्वास, साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ हिन्दी-मलयालम साहित्य समागम
पटना, १८ मार्च। केरल में हिन्दी के प्रचार-प्रसार और हिन्दी-साहित्य के मलयालम अनुवाद पर पर्याप्त बल दिया जा रहा है। केरल के सभी शिक्षित लोग हिन्दी समझते और बोलते हैं। वहाँ हिन्दी से भी उतना ही प्रेम किया जाता है, जितना मलयालम से। अब दक्षिण भारत के राज्यों…
CIN /प्रो अमरनाथ सिन्हा ने जय प्रकाश आंदोलन को वैचारिक दिशा दी थी : सुशील मोदी,साहित्य सम्मेलन में दर्शनाथ रखा गया प्रो अमरनाथ सिन्हा का अस्थि-कलश, आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा
पटना, २१ फरवरी । सुप्रसिद्ध समालोचक और भूपेन्द्र नारायण मण्डल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो अमरनाथ सिन्हा का अस्थि-कलश बुधवार को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में अंतिम-दर्शनार्थ रखा गया। सम्मेलन में उनकी स्मृति में एक विशाल श्रद्धांजलि-सभा भी आयोजित…
CIN /29,30, 31 मार्च को पटना में लगेगा देश भर के साहित्यकारों का महाकुंभ,साहित्य सम्मेलन प्रयाग के 75वें राष्ट्रीय अधिवेशन के साथ आयोजित होगा बिहार का 43वाँ महाधिवेशन
पटना, 16 फरवरी। आगामी 29,30और 31 मार्च को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में, आहूत हो रहे साहित्य सम्मेलन, प्रयाग के अमृत-महोत्सव (75वाँ)राष्ट्रीय अधिवेशन तथा बिहार सम्मेलन के 43वें महाधिवेशन की स्वागत समिति का गठन किया गया है। सम्मेलन की विगत कार्य समिति…
CIN /बिहार के द्विवेदी’ थे आचार्य रामलोचन शरण, ‘शुक्ल’ हैं डा शिववंश पाण्डेय -९३वें जन्मोत्सव पर सम्मानित हुए डा पाण्डेय, साहित्य सम्मेलन में रागिनी प्रसाद को दिया गया स्मृति-सम्मान
पटना, ११ फरबरी। हिन्दी भाषा और साहित्य के उन्नयन में अप्रतिम अवदान देनेवाले मनीषी विद्वान, प्रकाशक और संपादक आचार्य रामलोचन शरण ‘बिहारी’, खड़ी बोली के अभिनव गद्य शैली के प्रवर्तक माने जाते हैं। आचार्य शिवपूजन सहाय ने उन्हें ‘बिहार का…
CIN /बिहार की गौरव लेखिका थीं उषा किरण, निधन से स्त्री-विमर्श को अपूरनीय क्षति
पटना, ११ फरवरी। हिन्दी और मैथिली भाषाओं के कथा-साहित्य में विशिष्ट स्थान रखने वाली लेखिका डा उषा किरण खान के निधन से बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन अत्यंत मर्माहत हुआ है। वह बिहार की गौरव लेखिका थीं। भारत वर्ष में बिहार की जिन लेखिकाओं को आदर से स्मरण किया…
CIN /तीन साहित्यिक विभूतियों की जयंती पर साहित्य सम्मेलन में दी गयी गीतांजलि
पटना, ५ फरवरी। गीति-साहित्य के अतुल्य कवि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री बिहार के ही नहीं, हिन्दी साहित्य के विशाल आगार के गौरव-स्तम्भ हैं। हिन्दी के गीत-साहित्य की चर्चा, उनके विना सदा अधूरी रहेगी। हिन्दी-साहित्य से ‘गीत’ बेमौत मर गया होता, यदि…
CIN /साहित्य सम्मेलन के मंच पर राजेंद्र प्रसाद कला एवं युवा विकास समिति ने मंचित किया नाटक , ८१वें जन्म-दिवस पर सम्मानित किए गए डा शंकर प्रसाद
पटना, ४ फरवरी। मुंशी प्रेमचंद की कहानियों पर लिखा गया नाटक ‘सद्गति’, समाज में व्याप्त ऊँच-नीच की भावनाओं और कुप्रथाओं पर कठोर प्रहार करता है। कवि-नाटककार ब्रह्मानन्द पाण्डेय द्वारा लिखित यह नाटक न केवल दलित-विमर्श को बल देता है, बल्कि नयी…
CIN /साहित्य सम्मेलन के मंच पर राजेंद्र प्रसाद कला एवं युवा विकास परिषद ने मंचित किया नाटक ,८१वें जन्म-दिवस पर सम्मानित किए गए डा शंकर प्रसाद
पटना, ४ फरवरी। मुंशी प्रेमचंद की कहानियों पर लिखा गया नाटक ‘सद्गति’, समाज में व्याप्त ऊँच-नीच की भावनाओं और कुप्रथाओं पर कठोर प्रहार करता है। कवि-नाटककार ब्रह्मानन्द पाण्डेय द्वारा लिखित यह नाटक न केवल दलित-विमर्श को बल देता है, बल्कि नयी…
CIN /युग-प्रवर्त्तक साहित्यकार थे महाकवि जयशंकर प्रसाद, युग-बोध के कवि थे ‘द्विज’ और ‘मुक्त’,विरले लोग बलभद्र कल्याण होते हैं-जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई कवि-गोष्ठी
पटना, ३० जनवरी। महाकवि जयशंकर प्रसाद एक युग-प्रवर्त्तक साहित्यकार थे, जिन्होंने एक साथ, कविता, कहानी, उपन्यास और नाटक लेखन के क्षेत्र में हिन्दी साहित्य को गौरवान्वित करने वाली, विश्व-विश्रुत महाकाव्य ‘कामायनी’ समेत अनेक अनमोल कृतियाँ दी।…
CIN /ध्वज भारत का लहराएगा सर्वत्र समग्र संसार में,गणतंत्र दिवस के अवसर पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई राष्ट्रीयगीत-गोष्ठी
पटना, २६ जनवरी। भारत का ७५वाँ गणतंत्र दिवस, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में समारोहपूर्वक मनाया गया। राष्ट्रीय-ध्वज का आरोहण सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने किया। ध्वजारोहण के पश्चात अपने संबोधन में डा सुलभ ने देश के अमर बलिदानियों के साथ,…