पटना /पुस्तक चौदस मेला के तीसरे दिन आयोजित हुई व्याख्यान-प्रतियोगिता
पटना, ३ सितम्बर । हिन्दी पखवारा के अंतर्गत, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में लगाए गए ‘पुस्तक-चौदस-मेला’ के तीसरे दिन, मंगलवार को, छात्र-छात्राओं के लिए ‘व्याख्यान-प्रतियोगिता’ आयोजित की गयी। ‘हिन्दी के साहित्यकार’ विषय…
पटना /पुस्तक चौदस मेला के दूसरे दिन आयोजित हुई श्रुतलेख प्रतियोगिता,साहित्य सम्मेलन में विद्यार्थियों को पढ़ाया गया सुलेख का पाठ
पटना, २ सितम्बर । हिन्दी पखवारा के अंतर्गत, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में लगाए गए ‘पुस्तक-चौदस-मेला’ के दूसरे दिन, सोमवार को, छात्र-छात्राओं के लिए ‘श्रुतलेख-प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। जिसमें, रवींद्र बालिका विद्यालय,…
CIN /साहित्य सम्मेलन में १५ दिवसीय ‘पुस्तक चौदस मेला’ के साथ हुआ ‘हिन्दी पखवारा’ का हुआ उद्घाटन
पटना, १ सितम्बर। प्रत्येक व्यक्ति को, चाहे वह विद्यार्थी हो, शिक्षक हो अथवा और कुछ भी, सभी साक्षरों को पुस्तकों से जुड़ना चाहिए। यही सबकी सच्ची और अच्छी संगिनी और मार्ग-दर्शिका होती हैं। यह केवल ज्ञान ही नहीं प्रदान करती, बल्कि दुखी मन का रंजन भी करती है…
CIN /कवि ब्रह्मानन्द पाण्डेय को दिया गया स्मृति सम्मान, आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना, ३० अगस्त। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष और भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति रहे, स्मृति-शेष साहित्यकार डा विष्णु किशोर झा ‘बेचन’ आलोचना-साहित्य के अधिकारी विद्वान थे। उन्होंने ‘नीरस’ समझे जाने वाले साहित्यालोचन को…
पटना /डा विष्णु किशोर झा ‘बेचन’ के स्मृति-पर्व पर ‘बेचन समग्र (खंड-२)’ तथा ‘एक अधूरी कहानी का हुआ लोकार्पण,आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना, ३० अगस्त। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष और भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति रहे, स्मृति-शेष साहित्यकार डा विष्णु किशोर झा ‘बेचन’ आलोचना-साहित्य के अधिकारी विद्वान थे। उन्होंने ‘नीरस’ समझे जाने वाले साहित्यालोचन को…
CIN /महान आध्यात्मिक चिंतक और भारतीय दर्शन के व्याख्याता थे हृदय नारायण,जयंती पर निराहारी बाबा और सुजाता मिश्र को दिया गया स्मृति-सम्मान
पटना, २४ अगस्त। प्रज्ञ-चिंतक हृदय नारायण हिन्दी-साहित्य के साधु-पुरुष थे। लेखन की दृष्टि से भी और आचरण-व्यवहार और व्यक्तित्व से भी। उनकी आध्यात्मिक और साहित्यिक साधना साथ-साथ चली। संसार में रहते हुए भी उन्होंने अपनी तपस्या की और सिद्धि भी प्राप्त की। वे…
CIN /जीवन क्या है ? निर्झर है, मस्ती ही इसका पानी है! साहित्य सम्मेलन में आरसी प्रसाद सिंह एवं हज़ारी प्रसाद द्विवेदी की जयंती पर आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना, १९ अगस्त। जीवन को परिभाषित करने वाली अमर रचना ‘जीवन का झरना’ के महान कवि आरसी प्रसाद सिंह, प्रकृति, प्रेम, जीवन और यौवन के महाकवि थे। मैथिली और हिन्दी में समान अधिकार से लिखने वाले आरसी बाबू बिहार के सर्वाधिक लोकप्रिय कवियों,दिनकर,…
पटना /साहित्य-सम्मेलन में 1सितम्बर से आरंभ होगा ‘हिन्दी पखवारा-सह-पुस्तक चौदस मेला’,शताब्दी-समारोह के लिए राष्ट्रपति महोदया की स्वीकृति की हो रही है प्रतीक्षा
पटना, 18 अगस्त। हिन्दी-दिवस के उपलक्ष्य में बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आगामी 1 सितम्बर से 15 सितम्बर तक ‘हिन्दी-पखवारा-सह- पुस्तक चौदस मेला’ का आयोजन किया जाएगा। पखवारा के प्रत्येक दिन सम्मेलन सभागार में विविध साहित्यिक आयोजन संपन्न…
CIN /साहित्य सम्मेलन में स्वतंत्रता-दिवस के साथ मनयी गयी जयंती, हुआ राष्ट्र-भक्ति कवि-सम्मेलन
पटना, 15अगस्त। हिन्दी, संस्कृत और बांगला भाषाओं के उद्भट विद्वान पं हंस कुमार तिवारी अनुवाद-साहित्य के महान उन्नायकों में परिगणित होते हैं। इन्होंने बंगला साहित्य का हिन्दी में अनुवाद के साथ ही कई अनेक मौलिक साहित्य का सृजन कर हिन्दी का भंडार भरा।…
CIN /नेपाली जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ ‘सावन महोत्सव कवयित्री-सम्मेलन’
११ अगस्त, पटना / ‘मेरा धन है स्वाधीन कलम’ के अमर रचनाकार कविवर गोपाल सिंह नेपाली तथा मनोविज्ञान के साहित्यकार मेजर बलवीर सिंह ‘भसीन’ की जयंती पर रविवार को, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में कवयित्रियों का साम्राज्य रहा। हरे रंग के…
CIN /हिमालय की तरह ऊँचा था आचार्य शिवपूजन सहाय का साहित्यिक व्यक्तित्व,जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई लघुकथा-संगोष्ठी
पटना, 9अगस्त। फ़क़ीरी की ज़िंदगी जीने वाले हिन्दी के महान साहित्य सेवी आचार्य शिव पूजन सहाय का साहित्यिक व्यक्तित्व हिमालय की तरह ऊँचा था। उन्होंने काशी विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना मदन मोहन मालवीय की भाँति साहित्य और शिक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन…
CIN /साहित्य सम्मेलन के वरीय कर्मी अमरेन्द्र झा के निधन पर शोक
पटना, ३० जुलाई। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के वरीय कर्मी अमरेन्द्र झा के निधन पर सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में डा सुलभ ने स्वर्गीय झा को सम्मेलन-कार्यालय का एक मज़बूत स्तम्भ बताते हुए, कहा है कि उनके निधन से…