शिक्षा, साहित्य,पत्रकारिता और राजनीति के आदर्श थे बदरीनाथ वर्मा , नए बिहार के निर्माता थे सच्चिदानंद सिन्हा ।साहित्य सम्मेलन में दोनों विभूतियों की मनाई गई जयंती, आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना से कौशलेन्द्र पराशर, पटना, १० नवम्बर। अपने समय के महान साहित्य–सेवी, पत्रकार, प्राध्यापक, स्वतंत्रता सेनानी और बिहार के प्रथम शिक्षामंत्री आचार्य बदरी नाथ वर्मा का व्यक्तित्व और चरित्र अत्यंत प्रेरणास्पद और अनुकरणीय है। वे राजनीति में एक सशक्त…
डा सीताराम ‘दीन’ की रचनाधर्मिता पर कबीर का गहरा प्रभाव था। जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई संगोष्ठी, कवियों ने दी भावपूर्ण काव्यांजलि
पटना से कौशलेन्द्र पाण्डेय, पटना, ६ नवम्बर। स्मृतिशेष कवि डा सीताराम ‘दींन‘ पर फक्कड़ और अक्खड संतकवि सद्ग़ुरु कबीर का गहरा प्रभाव था। वे कबीर साहित्य के विद्वान मर्मज्ञ और बड़े अध्येता थे। यही कारण है कि उनके साहित्य में स्थान–स्थान पर…
पाटलिपुत्र के गौरव-पुरुष थे स्तुत्य पत्रकार रामजी मिश्र मनोहर । साहित्य सम्मेलन में मनाया गया २१वाँ पुण्य-स्मरण समारोह, आयोजित हुई संगोष्ठी
पटना से कौशलेन्द्र पराशर की रिपोर्ट, पटना,२९ अक्टूबर। ‘पाटलिपुत्र की धरोहर‘ के रूप में चर्चित, आर्यावर्त समेत अनेक पत्रों में अपनी मूल्यवान सेवा देने वाले संघर्ष–जयी पत्रकार रामजी मिश्र मनोहर पाटलिपुत्र के गौरव पुरुष थे। उन्हें…
भारत में लगभग पाँच करोड़ लोग’औस्टियोपोरोसिस’से पीड़ित :डा अमूल्य । हेल्थ इंस्टिच्युट में विश्व औस्टियोपोरोसिस दिवस पर आयोजित हुई वैज्ञानिक-कार्यशाला
कौशलेन्द्र पराशर का रिपोर्ट, पटना,२१ अक्टूबर। ‘औस्टियोपोरोसिस‘,हड्डी की एक ऐसी बीमारी है, जिसमें हड्डियाँ दीमक लगे दरबाज़े की भाँति कमज़ोर हो जाती हैं। हल्की चोट में भी टूट जाती है। इस रोग में हड्डियाँ दो हिस्सों में नहीं टूटती, बल्कि अनेक…
मानव-मन की अभिव्यक्ति की आदि विधा है कविता ,यह आँखों के आँसू पोंछती है। साहित्य सम्मेलन में कवयित्री डा सुधा सिन्हा के काव्य-संग्रह’गगरिया छलकत जाए’ का हुआ लोकार्पण,कवि-सम्मेलन में पढ़ी गई हृदय-ग्राही कविताएँ और ग़ज़ल का लोकार्पण डॉ अनिल सुलभ ने किया
कौशलेन्द्र पाण्डेय पटना,१८ अक्टूबर । मानव–मन के अनेकों घनीभूत भावों,वेदना और गहन–गंभीर अनुभूतियों की अभिव्यक्ति की आदि विधा है कविता। यह वेदना–ग्रस्त आँखों के आँसू पोंछती है, मन को धैर्य और हृदय को नवीन ऊर्जा प्रदान करती है। यह…
ऐतिहासिक नाट्य-लेखन तथा हिन्दी के उन्नयन में सेठ गोविंददास का योगदान महनीय । जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ परिसंवाद एवं कवि
पटना,१५ अक्टूबर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से प्रभावित होकर अपने सुखमय जीवन का त्याग कर मानव–सेवा तथा स्वतंत्रता–संग्राम में कूद पड़े सेठ गोविंददास उच्च कोटि के नाटककार और उपन्यासकार थे। उन्होंने दो दर्जन से अधिक पुस्तकें लिखीं। उनपर…
महान पुस्तकालय-विज्ञानी और साहित्यसेवी थे डा राम शोभित प्रसाद सिंह । निधन पर साहित्य सम्मेलन में हुई शोक-गोष्ठी,साहित्यकारों ने दी श्रद्धांजलि
पटना,१२ अक्टूबर। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के पूर्व पुस्तकालय मंत्री डा राम शोभित प्रसाद सिंह, न केवल महान पुस्तकालय–विज्ञानी,बल्कि पुस्तकालय–साहित्य के महान पुरोधा थे। पुस्तकालय–विज्ञान पर लिखी उनकी पुस्तकें,विद्यार्थियों के लिए, आज…
कोंकणी-हिन्दी समेत भारत की सभी भाषाओं के बीच परस्पर सहयोग के संकल्प के साथ गोवा में संपन्न
गोवा , बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन और गोवा विश्वविद्यालय संयुक्त रूप से कोंकणी –हिन्दी समेत भारत की सभी भाषाओं के बीच परस्पर–सहयोग,आत्मीय सौहार्द तथा संपूर्ण भारतवर्ष में, हिन्दी को राजभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने तथा सम्पर्क भाषा बनाने…