पटना /हिन्दी-पखवारा के 8वें दिन साहित्य सम्मेलनमें आयोजित हुई विद्यार्थियों के लिए कथा-लेखन-प्रतियोगिता
पटना, 8सितम्बर। कथा-लेखन से विद्यार्थियों में कल्पना-शक्ति और सृजन-शीलता का विकास होता है। यह रचनात्मक-प्रतिभा के विकास में अत्यंत महत्त्वपूर्ण प्रवृत्ति है। प्रत्येक विद्यार्थी को कथा-लेखन में रूचि रखनी चाहिए। इससे आंतरिक-प्रतिभा निखरती है। भाषा शुद्ध…
पटना /साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई निबन्ध-लेखन प्रतियोगिता छात्र-छात्राओं ने लिखे ‘मेरे प्रिय साहित्यकार’ विषय पर निबन्ध
पटना, ७ सितम्बर । बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आयोजित हिन्दी पखवारा एवं ‘पुस्तक-चौदस-मेला’ सातवें दिन, गुरुवार को, विद्यार्थियों के लिए ‘निबन्ध-लेखन प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने…
पटना /हिन्दी-पखवारा के ६ठे दिन साहित्य सम्मेलनमें आयोजित हुई व्याख्यान प्रतियोगिता,प्रांजल हिन्दी में विद्यार्थियों ने दिए व्याख्यान
पटना, ६ सितम्बर। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा आयोजित हिन्दी पखवारा-सह-पुस्तक चौदस मेला के छठे दिन बुधवार को विद्यार्थियों के लिए ‘व्याख्यान-प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। प्रायः सभी विद्यार्थियों ने प्रांजल हिन्दी में, ‘मेरे…
पटना /विद्या के आगार और काव्य-रसिकों के कंठहार थे श्यामनंदन किशोर जयंती पर साहित्य सम्मेलन आयोजित हुई कवि-गोष्ठी
पटना, ५ सितम्बर। अपने यौवन-काल में ही, काव्य-रसिकों का कंठ-हार बन चुके प्रेम और ऋंगार के अद्भुत-प्रतिभा के कवि आचार्य श्यामनंदन किशोर, साहित्य की एक ऐसी विभूति थे, जिन्हें विधाता ने सर्वतोभावेन समृद्ध कर इस पुण्य-धरा पर भेजा था। उनका व्यक्तित्व जितना…
पटना /साहित्यालोचन के प्रतिमान थे डा विष्णु किशोर झा ‘बेचन’ जयंती पर साहित्य सम्मेलन में ‘बेचन समग्र (खंड-१)’ का हुआ लोकार्पण
पटना, ४ सितम्बर । भागलपुर विश्वविद्यालय के पूर्व प्रतिकुलपति और बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के पूर्व अध्यक्ष स्मृति-शेष साहित्यकार डा विष्णु किशोर झा ‘बेचन’ आलोचना-साहित्य के प्रतिमान-पुरुष थे। उन्होंने साहित्यालोचन को निरसता से निकालकर…
पटना /शिक्षा से ही समाज का सशक्तीकरण संभव है- प्रो. रास बिहारी सिंह
पटना /बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान स्थित खादी मॉल सभागार में मानवाधिकार संरक्षण के लिए समर्पित मानवाधिकार टुडे द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर रविवार को परिचर्चा सह गुरु सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसके प्रथम सत्र में गुरुओं का…
पटना ब्यूरो /साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई काव्य-कार्यशाला, सिखायी ‘कविताई’, पढ़ाया छंद का पाठ
पटना, ३ सितम्बर। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा आयोजित हिंदी-पखवारा और पुस्तक-चौदस मेला के तीसरे दिन रविवार को, नवोदित कवियों के लिए ‘काव्य-कार्यशाला’ के रूप में एक प्रशिक्षण-कार्यक्रम चलाया गया, जिसमें पद्य के विभिन्न रूपों और विधाओं के…
पटना /हिन्दी पखवारा के अंतर्गत साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई विद्यार्थियों की प्रतियोगिता, ख़रीदीं पुस्तकें
पटना, २ सितम्बर। हिन्दी पखवारा के अंतर्गत शनिवार को, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में, विद्यार्थियों के लिए ‘श्रुतिलेख-प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के पूर्व सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कहा कि ‘श्रुतिलेख’, सुनकर…
पटना /हिन्दी को ‘राष्ट्रभाषा’ घोषित की जानी चाहिए : गंगा प्रसाद,साहित्य सम्मेलन में हिन्दी पखवारा सह पुस्तक चौदस मेला का हुआ उद्घाटन
पटना, १ सितम्बर। साहित्य ही समाज को सुंदर और मनुष्य को ‘मनुष्य’ बनाता है। सभी कहते हैं कि ‘मनुष्य’ बनो! पर यह मनुष्यता कैसे आएगी? इसके लिए आवश्यक है कि समाज साहित्य को अपनी भाषा को महत्त्व दे और उसे आत्मसात करे। हिन्दी के लिए…
पटना /१ सितम्बर से साहित्य सम्मेलन में आहूत होगा ‘हिन्दी पखवारा-सह-पुस्तक चौदस मेला’-प्रत्येक दिन आयोजित होगा साहित्यिक उत्सव
पटना, २८ अगस्त। हिन्दी-दिवस के उपलक्ष्य में बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आगामी १ सितम्बर से १५ सितम्बर तक ‘हिन्दी-पखवारा-सह- पुस्तक चौदस मेला’ का आयोजन किया जा रहा है। पखवारा के प्रत्येक दिन सम्मेलन सभागार में विविध साहित्यिक आयोजन तथा…
पटना /महान चिंतक कवि थे हृदय नारायण -१०१वीं जयंती पर डा अमलेश वर्मा और डा रागिनी वर्मा को दिया गया ‘हृदय नारायण-कल्याणी स्मृति सम्मान’, वरिष्ठ लेखक मार्कण्डेय शारदेय की पुस्तक ‘डुमराँवनामा’ का हुआ लोकार्पण
पटना, २४ अगस्त। प्रज्ञ-चिंतक और भारतीय वांगमय के मनीषी भाष्यकार कवि हृदय नारायण, हिन्दी की सेवा करने वाले पिछली सदी के महान चिंतक कवियों में अग्र-पांक्तेय थे। उन्होंने गीता को न केवल समझा था, अपितु उसे वाणी और आचरण में उतारा था। वे मानते थे कि…
पटना /झाँसी की रानी’ पर लिखा ही नहीं, उनकी ही तरह लड़ी भी सुभद्रा कुमारी चौहान- जयंती पर लेखिका ज्योति झा की विशेष पुस्तक ‘वियोंड स्पेक्ट्रम’ के आवरण का हुआ लोकार्पण
पटना, १६ अगस्त। “बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी/ ख़ूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी!” इन पंक्तियों से देश के मानस को झकझोर देने वाली कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान राष्ट्रभक्ति का गान गाने वाली एक तेजस्विनी लेखिका ही नहीं, देश की…