पटना /12-13 फरवरी को पटना में लगेगा देश भर के साहित्यकारों का महाकुंभ, सम्मानित होंगे विद्वान, आयोजित होगा भव्य राष्ट्रीय कवि-सम्मेलन, संध्या में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी
पटना, 8नवम्बर। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का दो दिवसीय 41वाँ महाधिवेशन आगामी 12-13फरवरी 2022को आयोजित किया जाएगा। भारत की स्वतंत्रता के अमृत-महोत्सव और महान कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु के जन्म-शताब्दी को समर्पित इस महाधिवेशन में बिहार के ही नहीं, देशभर के…
पटना/ ‘कबीर’ को जीने वाले कवि साहित्यकार थे डा सीताराम ‘दीन’,जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई कवि-संगोष्ठी
पटना, ६ नवम्बर। स्मृतिशेष कवि डा सीताराम ‘दीन’ पर संतकवि सदगुरु कबीर का गहरा प्रभाव था। वे कबीर साहित्य के विद्वान मर्मज्ञ और बड़े अध्येता ही नहीं, कबीर को जीने वाले कवि थे। उनके आचरण और व्यवहार में कबीर की निर्भीकता और सच्चाई दिखाई देती थी।…
पटना /धरोहर हैं गया के दो काव्य-तपस्वी ‘रुद्र’ और ‘वियोगी’ साहित्य सम्मेलन में जयंती पर दोनों साहित्यिक विभूतियों को दी गई काव्यांजलि
पटना, ३ नवम्बर। गया के दो काव्य-तपस्वी महाकवि मोहनलाल महतो ‘वियोगी’ और छंदों के मर्म -स्पर्शी गीतकार रामगोपाल शर्मा ‘रुद्र’ हिन्दी साहित्य की धरोहर हैं। ‘वियोगी जी आधुनिक हिन्दी साहित्य के निर्माताओं में से एक और बीसवीं…
पटना /सौम्य और गुणी कवि थे रामचन्द्र मिश्र ‘मधुप’, निधन पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई शोक-गोष्ठी
पटना, २ नवम्बर। ९२ वर्ष की आयु में शरीर छोड़ने वाले वयोवृद्ध कवि और बी एस कौलेज दानापुर के संस्थापक प्राध्यापक प्रो रामचंद्र मिश्र ‘मधुप’ एक सिद्धहस्त कवि ही नहीं, एक सौम्य शिक्षाविद और उदार समाजसेवी थे। वे उस पीढ़ी के व्यक्ति थे, जिस पीढ़ी…
पटना /साहित्य सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय मंचों के लोकप्रिय कवि डा सुरेश अवस्थी के सम्मान में आयोजित हुई काव्य-गोष्ठी
पटना, ३१ अक्टूबर। ‘पीड़ा का अनुवाद है कविता/ खुद से इक संवाद है कविता’– शीतल पानी कूप का और नीम की छांव/ शोर शहर का कनपका दिल में गाता गाँव’— इधर उधर तू भटक मत, बाहर कुछ भी नाहिं/ अल्लाह, राम, मसीह सब, भीतर ही मिल…
पटना/ ‘बटोहिया-गीत’ से साहित्य-संसार में अमर हो गए बाबू रघुवीर नारायण -१३८ वीं जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ लोकभाषा कवि सम्मेलन
पटना, ३० अक्टूबर। “सुंदर सुभूमि भैया भारत के देसबा से मोरे प्राण बसे हिम खोह रे बटोहिया” जैसी प्राण-प्रवाही और मर्म-स्पर्शी रचना के अमर रचयिता बाबू रघुवीर नारायण भोजपुरी और हिन्दी के महान कवि ही नहीं एक वलिदानी देश-भक्त और स्वतंत्रता सेनानी…
पटना /स्वयं ही ‘संपूर्ण साहित्य’ थे आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव / 96वीं जयंती पर साहित्य सम्मेलन में दी गई काव्यांजलि
पटना, 28 अक्टूबर। स्वयं ही ‘संपूर्ण साहित्य’ थे आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव। उनके संपूर्ण व्यक्तित्व से ‘साहित्य’ टपकता था। वे भारतीय वांगमय की उस अनूठी कल्पना के मूर्त रूप थे, जिसमें यह कहा गया है कि एक साहित्यकार को ऐसा होना चाहिए…
पटना /डा कुमार अरुणोदय की अध्यक्षता में साहित्य सम्मेलन की युवा साहित्यकार परिषद गठित, २५ सदस्यीय परिषद के प्रधानमंत्री पंकज प्रियम बनाए गए
पटना, २१ अक्टूबर। सुप्रतिष्ठ युवा साहित्यकार डा कुमार अरुणोदय की अध्यक्षता में बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन की युवा साहित्यकार परिषद का गठन किया गया है। सम्मेलन अध्यक्ष की ओर से निर्गत इस आशय की एक अधिसूचना के अनुसार, २५ सदस्यीय इस परिषद में युवाकवि पंकज…
पटना /देश में हिन्दी के विकास में बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का योगदान अभूत पूर्व, देशरत्न डा राजेंद्र प्रसाद भी हिन्दी प्रचारकों में थे सम्मिलित : अश्विनी चौबे
पटना, १९ अक्टूबर। हिन्दी-भाषा और साहित्य के उन्नयन में बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का महान अवदान हमें गौरव के भाव से भर देता है। संपूर्ण भारतवर्ष में हिन्दी भाषा के प्रचार में इसका योगदान अभूतपूर्व है। बिहार के महान हिन्दी साहित्यकारों के साथ भारत के…
पटना /9 विदुषियों और विद्वानों को साहित्य सम्मेलन का ‘विशेष परामर्शी’ बनाया गया
कौशलेन्द्र पाराशर -पटना, 12अक्टूबर। बिहार की 9 मनीषी विदुषियों और विद्वानों को, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का ‘विशेष परामर्शी’ मनोनीत किया गया है। सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ द्वारा निर्गत अधिसूचना के अनुसार सम्मेलन के परामर्शियों में,…
पटना /स्थापना दिवस समारोह के संबंध में राज्यपाल से मिले सम्मेलन अध्यक्ष
पटना, ८ अक्टूबर । बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के १०३वें स्थापना दिवस समारोह के संबंध में, सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ और समारोह के स्वागताध्यक्ष डा सी पी ठाकुर ने शुक्रवार की संध्या बिहार के राज्यपाल फागू चौहान से भेंट की तथा उनसे १९ अक्टूबर, २०२१ को…